मनाली-लेह रोड…एक हफ्ता और

मनाली—सेना की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग बहाल होने जा रहा है। मार्ग की बहाली का इंतजार कर रहे लोगों को खुशखबरी है। नवंबर प्रथम सप्ताह से बंद मनाली-लेह मार्ग पर करीब एक सप्ताह में वाहनों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है। ट्रैकिंग का कारोबार करने वालों सहित सरचू में टैंट लगाकर पर्यटन कारोबार चलाने वाले लाहुल व कुल्लू के युवा व ट्रैवल एजेंट इस मार्ग बहाली का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सीमा सड़क संगठन ने बारालाचा दर्रे पर चढ़ाई कर दी है। मौसम के हर पल बदल रहे तेवर संगठन की मुहिम को झटका दे रहे हैं। बर्फबारी के चलते इन दिनों भी बारालाचा दर्रे में पारा शून्य से नीचे चल रहा है। इस बार सर्दियों में बर्फबारी अधिक हुई है। इसके बाबजूद बीआरओ समय पर लेह मार्ग की बहाली करने जा रहा है। बीआरओ के चीफ  इंजीनियर त्यागी और कमांडर उमा शंकर ने बारालाचा पहुंचकर जवानों का हौंसला बढ़ाया। मनाली-लेह मार्ग में दो दर्रे ही मार्ग अवरुद्ध रहने की मुख्य भूमिका निभाते हैं एक रोहतांग व दूसरा बारालाचा। रोहतांग तो संगठन ने बहाल कर दिया है। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि डोजरों ने बारालाचा दर्रे पर चढ़ाई कर दी है तथा उनके जवान युद्ध स्तर पर सड़क बहाली में जुटे हुए हैं। मौसम खराब रहने व दर्रे पर बर्फबारी होने से बारालाचा का तापमान माइनस पर चल रहा है। खराब मौसम और माइनस डिग्री में भी जवान बारालाचा दर्रे की बहाली पर जुटे हुए हैं। रोहतांग बहाली के बाद संगठन ने बारालाचा दर्रे पर चढ़ाई कर दी है। उनका कहना है कि मनाली से सरचू तक बीआरओ का दीपक मार्ग बहाली करता है जबकि लेह से सरचू तक बीआरओ का हिमांक प्रोजेक्ट मार्ग बहाली को अंजाम देता है। कमांडर ने बताया कि परिस्थितियां ठीक रही तो एक सप्ताह के भीतर मार्ग बहाल हो जाएगा।

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