ममता को बड़ा झटका

पश्चिम बंगाल के तीन विधायकों सहित 50 पार्षद भाजपा में शामिल

नई दिल्ली -पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल करने वाली भाजपा ने ममता बनर्जी को एक और करारा झटका दिया है। बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के दो विधायक और 50 के करीब पार्षद भाजपा में शामिल हुए हैं। दिल्ली में इन नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली। 2017 में भाजपा में शामिल हुए टीएमसी के पूर्व दिग्गज नेता मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय समेत तीन विधायक पार्टी में शामिल हुए हैं। एक विधायक वामपंथी दल सीपीएम का है। शुभ्रांशु रॉय बीजपुर से विधायक हैं। उनके अलावा विष्णुपुर से टीएमसी के विधायक तुषार कांति भट्टाचार्य, हेमताबाद से सीपीएम के विधायक देवेंद्र रॉय ने भी पार्टी की सदस्यता ली। भाजपा में इन नेताओं के शामिल होने के बाद दोनों दलों में तनाव और भड़क सकता है। लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद भाजपा और आक्रामकता के साथ टीएमसी और ममता को चुनौती देने के मूड में दिख रही है। कभी ममता बनर्जी के काफी करीबी रहे मुकुल रॉय के नेतृत्व में भाजपा टीएमसी के नेताओं को अपने पाले में खड़ा करने की कोशिश कर रही है। रॉय खुद 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे। मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु को टीएमसी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पहले ही सस्पेंड कर चुकी है। गौर हो कि मंगलवार को काचरापारा म्युनिसिपलिटी के 17 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। इनमें म्युनिसिपलिटी के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन भी शामिल हैं। इसके अलावा दो अन्य म्युनिसिपलिटी पर भाजपा ने कब्जा जमा लिया है। तीनों म्युनिसिपलिटी के लगभग 50 पार्षद भाजपा में शामिल हुए हैं।

सात राउंड में टीएमसी को रूलाएगी भाजपा

विधायकों और पार्षदों को भाजपा में शामिल कराते हुए पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने टीएमसी को अभी और झटके देने की बात कही है। विजयवर्गीय ने कहा कि यह अभी पहला चरण ही है। जिस तरह से चुनाव सात चरणों में हुए थे, उसी तरह से सात राउंड में भाजपा में टीएमसी के और भी नेताओं को शामिल किया जाएगा।

शपथ समारोह में आएंगी ममता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी 30 मई को दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगी। ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति भवन द्वारा उन्हें भेजे गए आमंत्रण को स्वीकार करते हुए शपथ ग्रहण समारोह में जाने की स्वीकृति दे दी है। ममता ने यह फैसला उस वक्त किया है, जब बंगाल में लोस चुनाव के वक्त से ही भाजपा और टीएमसी के बीच काफी तल्खी बनी हुई है और उसके दो विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं।

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