मरीजोें के टेस्ट भी आचार संहिता का उल्लंघन!

शिकायत मिलने पर चुनाव आयोग की टीम ने किया टीएमसी का दौरा

कांगड़ा – प्रदेश में सरकार के आदेशों के बाद टीएमसी में शुरू किए गए विभिन्न 56 टेस्ट को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की गई है। इस पर शुक्रवार को निर्वाचन आयोग की टीम ने अस्पताल में जानकारी जुटाई है। इन टेस्ट को शुरू करने के लिए सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना की प्रतिलिपि भी अस्पताल प्रशासन से ली गई है। जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पतालों में ये 56 टेस्ट निःशुल्क प्रदान करने के लिए 11 वर्गों का चयन किया है। विभाग द्वारा निर्धारित की गई कैटेगरी में बुजुर्गों को भी जोड़ा गया है। अस्पतालों में इन टेस्ट की सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदान की जा रही है। इन टेस्ट को शुरू करने के लिए अक्तूबर, 2018 में निदेशालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई थी। इस पर बजट का प्रावधान होने के बाद टांडा अस्पताल ने भी निर्धारित विभिन्न टेस्ट निःशुल्क करने की प्रक्रिया आरंभ की थी। अस्पताल में कैंसर, टीबी, एचआईवी से ग्रस्त मरीजों, बीपीएल परिवारों से सबंध रखने वालों, ऑल मेडिको लीगल केस इनक्लूडिंग एक्सीडेंट इंजरी, 60 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों, गर्भवती महिलाआें, शिशुआें, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम तथा 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगजनों को यह सुविधा प्रदान की जा रही है। इस पर एक व्यक्ति ने आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई है कि चुनावों के दौरान इन टेस्ट को शुरू  करना आचार संहिता का उल्लंघन है। शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन ने आयोग की टीम को बताया कि इससे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया गया है। इन टेस्ट को शुरू करने के लिए पिछले वर्ष ही प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी की थी, जिसके आधार पर इन टेस्ट को शुरू किया गया है।

साहब कहते हैं…

वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक टीएमसी डा. सुरिंद्र सिंह भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल में जो 56 टेस्ट निःशुल्क विभिन्न कैटेगरी के लिए शुरू किए गए हैं,  इसकी अधिसूचना पिछले वर्ष अक्तूबर माह में जारी हुई थी। इसके तहत ही ये टेस्ट शुरु किए गए हैं। इस अधिसूचना की जानकारी पुलिस को प्रदान कर दी गई है।

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