महापुरुषों का सम्मान करें

 राजेश कुमार चौहान

लोकसभा चुनाव के दौरान कोलकाता के एक कालेज में समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा कुछ शरारती तत्त्वों द्वारा तोड़ना देश के लिए बहुत शर्मनाक और निंदनीय है। खासतौर पर शिक्षा के मंदिर कालेज में ऐसे घटिया और कायरतापूर्ण काम को अंजाम दिया गया। इससे पता चलता है कि आज की युवा पीढ़ी और देश की राजनीति किस गलत दिशा की ओर अग्रसर हो रही है। इसमें दोष सबसे ज्यादा ऐसे शरारती तत्त्वों के माता-पिता और अध्यापकों का है, जो कि भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कार और देशभक्ति का ज्ञान नहीं दे पाए हैं। अगर कोई महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों की राह पर नहीं चल सकता या उनसे प्रेरणा लेकर समाज और देश के लिए अच्छे काम नहीं कर सकता, तो कम से कम ऐसे कार्य भी न करे, जिससे इनका अपमान हो।

 

 

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