मातम में बदला खुशियों का माहौल

पद्धर—घटासणी गांव में शनिवार रात हुए सड़क हादसे ने गांव में शादी के जश्न को मातम में बदल दिया। मृतक संजय के मामा सहित तमाम रिश्तेदारों को यह हादसा ताउम्र सताता रहेगा। हादसे की रात को संजय कुमार अपने बुआ के बेटे के साथ घटासनी गांव में मामा अनंत राम के घर शादी के डिनर पर गया हुआ था। शादी संजय कुमार के मामा अनंत राम की बेटी की थी। डिनर करने के उपरांत घर जाती बार संजय कुमार अपने मामा और तमाम रिश्तेदारों से मिला। मामा के पूछने पर संजय कुमार ने अंत समय पर कहा था कि वह परिवार के साथ रविवार सुबह ही उनके घर शादी पर लौटेगा। टाटा सूमो में सवार चारों यात्रियों ने मात्र एक किलो मीटर का सफर करना था, लेकिन शादी के घर से 20 मीटर की दूरी पर सड़क दुर्घटना हो गई। हादसे का पता चलते ही शादी के घर पर अफरा-तफरी मच गई। संजय कुमार गरीब परिवार से संबंध रखता है। उसका नया घर बनाने का सपना भी अधूरा रह गया। कड़ी मेहनत से संजय कुमार ने घर के निर्माण को तमाम सामग्री एकत्र कर रखी थी। आने वाले बरसात के मौसम तक उसकी नए घर का निर्माण कार्य शुरू करने की योजना थी, जो अधूरी रह गई। मृतक अपने पीछे दो बेटियां व  पत्नी बिलखता छोड़ गया। रविवार को घटासणी से घरेहड़ गांव में मातम छाया रहा। संजय की बेटी राधिका यही कह रही है कि  पापा आप कब आ रहे हैं । पापा कहां चले गए और शादी में कब जाना है।

क्रैश बैरियर होते तो बच सकती थी जान

एनएच154 में घटासनी के पास सड़क के किनारे लोक निर्माण विभाग द्वारा पैरापिट और लोहे के कै्रश बैरियर लगाए होते तो आज संजय कुमार की जान बच सकती थी। लोगों ने बताया कि बार-बार हादसे होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग नहीं जाग रहा है, जिस कारण सैकड़ों लोग हादसे का शिकार हो रहे हंै। यदि सड़क किनारे कै्रश बैरियर हो तों कई जिंदगियां बच जाएंगी।

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