मुकेश अग्रिहोत्री के खिलाफ मंत्रियों ने खोला मोर्चा

विक्रम सिंह और वीरेंद्र कंवर ने लिया नेता प्रतिपक्ष को आड़े हाथ; कहा, मुकेश बताएं किसका टिकट काटकर चुनाव लड़ा था

शिमला -मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दो मंत्रियों ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्लिहोत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंचायती राज मंत्री विरेंद्र कंवर तथा उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा है कि कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा के बुजुर्ग नेताओं का सम्मान किया है उसके लिए वे उनका धन्यावाद करते हैं। उन्होंने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अग्निहोत्री आप भाजपा को तो बजुर्गों के बारे में नसीहत दे रहे हैं लेकिन आपने आपना चुनाव लडऩे के लिए किसका टिकट काटा था, यह भी तो जरा जनता को बताएं। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री को उस मुहावरे को जरूर याद करना चाहिए जिसमें कहा गया है जिनके खुद के घर शीशे को हों उन्हें दूसरों के घरों की ओर पत्थर नहीं फेंकने चाहिएं। भाजपा नेताओं ने बुजुर्ग नेताओं के सम्मान पर नेता प्रतिपक्ष को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री रहे नरसिंह राव की मृत्यु के बाद सोनिया गांधी ने उनकी लाश को कांग्रेस मुख्यालय में नहीं रखने दिया था, कई घंटे तक सेना की तोप गाड़ी में उनका शव कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पड़ा रहा परंतु कार्यालय के दरवाजे नहीं खोले गये। यहां तक कि सोनिया गांधी ने नरसिंह राव के परिवार की इच्छा के अनुरूप उनके शव का अंतिम संस्कार दिल्ली में  नहीं होने दिया था। भाजपा नेताओं ने कहा कि एक समय कांग्रेस के बड़े दलित नेता और राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी को धक्के मारकर कांग्रेस दफ्तर से खदेड़ दिया गया था। उनकी बेइज्जती करने के बाद सोनिया गांधी खुद कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गयी थी। राष्ट्रीय स्तर पर अपने कई अन्य बुजुर्ग नेताओं को कांग्रेस ने बुरी तरह अपमानित कर के उनका राजनैतिक जीवन समाप्त कर दिया। भाजपा नेतओं ने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री को बुजुर्गों के सम्मान के साथ.साथ युवा पीढि़ के भविष्य के बारे में भी सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री के सत्ता में आते ही उनका विधानसभा क्षेत्र नशे का अड्डा बन गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुकेश की सल्तनत में उन्हीें का क्षेत्र चिट्टे का गढ़ बनता गया और अग्निहोत्री युवाओं को गर्त में जाते निहारते रहे। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के पास चुनाव में जाने के लिए न तो कोई विजन है और न ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा से मुकाबला करने की रणनीति। वंशवाद के आधार पर चल रही इस पार्टी कों जनता इस बार भी नकार देगी।

 

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