मुलाजिम इलेक्शन ड्यूटी पर, दफ्तरों में काम ठप

कृषि विभाग का 90 प्रतिशत स्टाफ चुनाव ड्यूटी में व्यस्त, महकमे की कई योजनाएं रुकीं

शिमला – हिमाचल प्रदेश कृषि निदेशालय के 90 प्रतिशत अधिकारी व कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगी है। विभाग के सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगने से विभाग के सभी रूटीन कार्य बंद हो गए हैं। निदेशालय में पहले से ही 200 के करीब स्टाफ है, उन में से अब मात्र 10 से 20 ही लोग काम करने को बचे हैं। चुनाव ड्यूटी लगने की वजह से कृषि विभाग में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर कार्य करना भी अभी फिलहाल बंद कर दिया है। हैरानी की बता है कि फार्मर्स को मिलने वाला मुवावजा भी अब आचार संहिता खत्म होेने के बाद ही मिल पाएगा। इसके अलावा कृषि निदेशालय द्वारा बीज की क्वालिटी को लेकर होने वाली जांच भी अब फिलहाल बंद कर दी गई है। जानकारी के अनुसार अभी तक प्रदेश के किसानों के लिए भारत सरकार के साथ होने वाली बैठक को भी रद्द कर दिया गया है। बता दें कि  कृषि विभाग में कर्मचारियों के दर्जनों पद खाली पड़़े हुए हैं। ऐसे में जो कर्मचारी हैं, उन सब की चुनाव ड्यूटी लग गई है, जिससे दिक्कतें और बढ़ गई हैं। हैरानी इस बात की है कि कृषि विभाग की सरकारी गाडि़यां भी चुनावी ड्यूटी में लग चुकी हैं। इसके अलावा कई ऐसे भी सरकारी विभाग हैं, जहां पर सारे स्टाफ की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है, वहीं कई विभागों के कर्मचारी ड्यूटी रद्द करवा कर आराम से ऑफिस में बैठे हैं। बता दें कि गिने-चुने सरकारी विभागों की ही ड्यूटी अगर लगाई जाए, तो इससे ज्यादा काम प्रभावित होता है। उल्लेखनीय है कि हर बार प्रदेश में इलेक्शन ड्यूटी लगने के बाद विभाग के अन्य सरकारी कार्य रुक जाते हैं। वहीं, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न कार्यों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इस बार भी लोकसभा चुनाव के दौरान सरकारी विभागों में होने वाले कार्यों पर काफी बुरा असर पड़ रहा है।

किसान-बागबान परेशान

हिमाचल प्रदेश में कृषि विभाग से प्रदेश के लाखों किसान जुड़े हुए हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानने के लिए किसान व बागबान अगर निदेशालय में पहुंच रहे हैं, तो उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।

किससे करेंगे बात

इन दिनों खरीफ का सीजन भी चल रहा है। ऐसे में बीज की क्वालिटी जानने व खाद लेने के लिए भी किसान अधिकारियों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, कृषि निदेशालय का कहना है कि अब सभी कार्य आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही होंगे।

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