‘मैं भी जाणा है मां दे दरबार’

डैहर में सजा 19वां भगवती जागरण, शिव की पंचमुखी झांकी ने किया भक्तों का खूब मनोरंजन

डैहर –मंगलवार शाम को डैहर मेला ग्राउंड के हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मां श्री शीतला देवी का 19वां विशाल भगवती जागरण नेहरू युवक मंडल द्वारा स्थानीय भक्तजनों के सहयोग से करवाया गया। जागरण के शुभारंभ अवसर ओर बतौर मुख्यातिथि डैहर व्यापार मंडल के प्रधान व समाजसेवी मनोहर लाल चड्डा ने मां श्री शीतला व ज्वाला जी से लाई मां की पावन जोत की विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद जागरण का विधिवत आगाज हुआ। जागरण स्थल पर भारी भीड़ के चलते तिल धरने तक की जगह मौजूद नहीं थी। जागरण में महाकाल बैंड जाहू के कलाकारों में मोहन गोपाल ने जागरण आगाज करते हुए मैं भी जाना मां दे दरबार टिकटा दो ले लो, प्यारी लगदी हो मिंजो कांगड़े दी माता, साई हम तेरे दीवाने व एक से बढ़कर एक पहाड़ी भक्तिमई भेंटों की प्रस्तुतियां देते हुए भक्तों को नाचने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ जागरण ने कलाकारों ने भी खूब समा बांधा जागरण के आयोजक नेहरू युवक मंडल डैहर के प्रधान अजय मौदगिल व अन्य सदस्यों द्वारा मुख्यातिथि को गुर्ज देकर सम्मानित किया गया। मुख्यातिथि मनोहर लाल चड्ढा ने अपने संबोधन में नेहरू युवक मंडल को जागरण के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए स्वेच्छा से पंद्रह हजार रुपए की राशि भेंट की। रात भर जारी जागरण में सुबह पांच बजे तक भारी संख्या में भक्तजन बैठे रहे। इस मर्तबा जागरण में आयोजक नेहरू युवक मंडल द्वारा भक्तजनों हेतु विशेष रूप से पूरी रात गर्मागर्म चाय, हलवा और चने का भंडारा लगाया गया। जिसमें जागरण में आए भक्तजनों ने जमकर लुफ्त उठाया गया। वहीं, जागरण में विशेष रूप से साज सजावट, साउंड व लाइटों का जिम्मा विख्यात शिवा टैंट हाउस डैहर व दरबार सजाने के कार्य विख्यात सागर दरबार घुमारवीं को जिम्मा सौंपा गया था। शिवा टैंट हाउस व सागर दरबार ने कड़ी मेहनत करते हुए अपनी उत्कृष्ट कार्य का प्रदर्शन करते हुए डैहर जागरण स्थल को स्वर्ग जैसा प्रारूप तैयार किया गया जिसे जागरण में आये  मुख्यतिथि, भक्तों और कलाकारों ने खूब सराहते हुए दोनों के तारीफों के पुल बांधे।

कलाबाजियां देख हर कोई दंग

जागरण में इस मर्तबा झांकी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन करते हुए भक्तों की जमकर तालियां बटोरीं। शिव तांडव व गणेश वंदना के दौरान नृत्य करते हुए झांकी कलाकारों द्वारा मुंह में ज्वलनशील तरल पदार्थ रखकर फूंक मारने के बाद उठते आग के गोले को देखकर व शिव के वेश धारण किए कलाकार द्वारा जलती आग में नृत्य का अद्धभुत दृश्य देखते हुए जागरण में बैठे भक्तो ने अपने दांतों तले अंगुलियां दबाने पर विवश कर दिया।

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