मॉर्निंग असेंबली में नशे पर प्रहार

शिमला—राजधानी शिमला में स्कूली छात्रों में नशे के प्रति दिन-प्रतिदिन ज्यादा ही झुकाव हो रहा है। शिक्षा विभाग ने आदेश दिए हंै कि स्कूल प्रबंधन छात्रों को सुबह मॉर्निंग असेंबली में ड्रग और अन्य नशीले पदार्थों से बचाव करने को लेकर काउंसिलिंग करें। शिक्षा विभाग का तर्क है कि राजधानी शिमला में निर्देश जारी करने के बाद भी छात्र नशीले पदार्थों का सेवन करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इस वजह से प्रदेश की राजधानी में दिन व दिन युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है। शिक्षा विभाग ने उच्च निजी स्कूलों को भी नशे को लेकर कोई भी अभियान न चलाने पर फटकार लगाई है। विभाग ने निजी स्कूलों से भी रिपोर्ट तलब की है। वहीं, यह कहा है कि शिमला के निजी शिक्षण संस्थानों में अभी तक  नशे को लेकर जो कमेटी गठित की गई है, उसकी रिपोर्ट भी निदेशालय में भेजी जाए। दरअसल शिमला में नशे को लेकर बढ़ रहे मामलों को रोकने के लिए विभाग ने ड्रग फोर्स कमेटी का गठन करने के निर्देश सरकारी व निजी दोनों स्कूलों को जारी किए थे। सूत्रों की मानें तो सरकारी स्कूलों ने तो शिक्षा विभाग में ड्रग फोर्स कमेटी की रिपोर्ट भेज दी है, लेकिन हैरत है कि अभी तक एक भी निजी स्कूल से छात्रों को नशे से रोकने के लिए चलाए गए किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं भेजी है। यही वजह है कि शिक्षा विभाग ने अब राजधानी शिमला के निजी स्कूलों पर ही सवाल उठा दिए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि निजी स्कूलों में तो छात्र कैंपस के बिल्कुल पास भी अगर स्मोकिंग और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, तो उन पर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है। शिक्षा विभाग ने राजधानी में नशे की बढ़ती प्रवृति के लिए निजी शिक्षण संस्थानों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, यह भी कहा गया है कि अगर निजी स्कूल प्रबंधन ने नशे की गिरफ्त में पड़े छात्रों को आइडेंटीफाई कर उनकी काउंसिलिंग नहीं की तो ऐसे मे प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाने के साथ ही जुर्माना भी किया जाएगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो शिक्षा विभाग के पास शिमला के वरिष्ठ लोगों की सैकड़ों शिकायतें आई हैं। इन शिकायतों में कहा गया है कि शिमला के बड़े-बड़े कॉन्वेंट स्कूलों के छात्र सरेआम नशा करते पाए गए हैं। फिलहाल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को जल्द इस बारे में रिपोर्ट तलब करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं सख्त आदेश दिए गए हैं कि सभी निजी स्कूल एक कमेटी का गठन करें, जो कमेटी नशे से संलिप्त छात्रों की पहचान कर, उन्हें नशे से दूर रहने की हिदायत दे।

You might also like