मोदी की लहर के आगे कांग्रेस ढेर

गगरेट —लोकसभा चुनाव में प्रचंड मोदी लहर के बीच विधानसभा क्षेत्र गगरेट में कांग्रेस के अभेद दुर्ग भी ताश के पत्तों के महल की तरह एक झोंके के साथ ही बिखर गए। इसे भाजपा की बूथ मैनेजमेंट के साथ प्रचंड मोदी लहर का ही असर कहें कि कांग्रेस विधानसभा क्षेत्र गगरेट के 91 बूथों में से महज पांच बूथों पर ही लीड हासिल कर पाई। हालांकि जिन बूथों पर लीड भी हासिल की वहां पर भी प्रभावशाली लीड नहीं मिली। यहां तक कि पूर्व विधायक राकेश कालिया के गृह बूथ भंजाल व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के गृह बूथ अंबोआ में भी कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनाव में विधानसभा क्षेत्र गगरेट में कुल वैध मत 60426 पड़े थे। इनमें से महज 421 मत नोटा के लिए पड़े। भाजपा के अनुराग ठाकुर ने कुल 40885 मत प्राप्त किए जबकि कांग्रेस प्रत्याशी राम लाल ठाकुर की गाड़ी 18630 मतों पर ही अटक गई। अहम बात यह है कि भाजपा ने करीब 86 बूथों पर बड़ी जीत हासिल की और नगर पंचायत गगरेट से 1158 मतों की बढ़त हासिल करने के साथ विस क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत अंबोटा में भी 1145 मतों की भारी बढ़त हासिल की। कई बूथ तो ऐसे हैं जहां कांग्रेस प्रत्याशी पचास मत तक प्राप्त नहीं कर पाए। यहां तक कि जिन पांच बूथों पर कांग्रेस ने लीड भी हासिल की उनके कुल मत मिलाकर भी लीड महज 308 मतों की ही बनती है। 91 बूथों में से कांग्रेस को नकड़ोह बूथ पर 111 मत, डब्बाली बूथ पर 65 मत, गगरेट अप्पर बूथ पर 67 मत, पांवड़ा बूथ पर 18 मत और अभयपुर बूथ पर महज 47 मतों की ही बढ़त मिल पाई। यहां तक कि कांग्रेस के परंपरागत बूथ कहे जाने वाले बूथों पर भी कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। यही नहीं बल्कि पूर्व विधायक राकेश कालिया अपने गृह बूथ भंजाल में भी कांग्रेस की लाज नहीं बचा पाए तो ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष कै. बलवंत परमार अपने गृह  गांव अ बोआ में भाजपा को बढ़त हासिल करने से नहीं रोक पाए। हालांकि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को यहां से 9320 मतों से शिकस्त मिली थी और अब इसे विधायक राजेश ठाकुर की कार्यशैली का परिणाम कहें या फिर प्रचंड मोदी लहर का असर कि लोकसभा चुनाव आते-आते हार का यह अंतर अढ़ाई गुणा बढ़कर 22256 तक पहुंच गया। अब चूक कहां हुई इसे लेकर कांग्रेस को मंथन करने की जरूरत है।

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