मोदी ने कहा था, सेब पर आयात शुल्क बढ़ाएंगे

शिमला -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को शिमला संसदीय क्षेत्र में प्रचार में जान फूंकने आ रहे हैं। वह सोलन के ठोडा ग्राउंड में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल की जनता को संबोधित किया था। उस रैली में मोदी ने वादा किया था कि सेब पर आयात शुल्क बढ़ाएंगे। मगर पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर भी इस मसले पर कुछ भी नहीं हुआ। ऐसे में इस बार भी मोदी की होने वाली रैली पर शिमला संसदीय क्षेत्र की जतना की निगाहें टिकी हुई हैं। प्रदेश में मतदान 19 मई को होना है और प्रचार के लिए मात्र छह दिन शेष रहते देख भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। शिमला संसदीय सीट पर इस बार दो विधायक संसद की राह तलाश रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों ने वर्तमान विधायक पर ही दांव खेल दिया है। भले ही शिमला संसदीय सीट पर छह प्रत्याशी मैदान में उतरे हों, मगर मुकाबला सिर्फ कांग्रेस और भाजपा के बीच होना है। शिमला संसदीय क्षेत्र में वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति पर गौर करें तो कांग्रेस और भाजपा बराबरी पर हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के पास आठ-आठ सीटें और एक सीट माकपा के पास हैं। यानी शिमला, सोलन और सिरमौर जिला के 17 विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान में यह हालात हैं। हालांकि भाजपा ने इस बार जिला सिरमौर के नेता पर दांव खेल दिया है। यहां के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश कश्यप प्रत्याशी हैं। वे इससे पहले लगातार दो बार विधानसभा का चुनाव जीत कर आए हैं। पच्छाद से उन्होंने कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर को दो बार हराया। जिला सिरमौर की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए ही भाजपा ने सुरेश कश्यप को मैदान में उतार दिया है। कांग्रेस के धनीराम शांडिल सोलन से संबंध रखते हैं। दोनों राजनीतिक दलों के पास राजधानी शिमला के मुद्दे ही नहीं हैं। 

धनीराम शांडिल के पास पूर्व का अनुभव

कांग्रेस प्रत्याशी धनीराम शांडिल के पास पूर्व का अनुभव है। वह पूर्व में यानी पहली बार हिमाचल विकास कांग्रेस से 1999 में सांसद का चुनाव जीते थे। उसके बाद 2004 के चुनाव में कांग्रेस टिकट पर फिर से चुनाव जीते। बाद में 2009 के चुनाव में भी कांग्रेस ने शांडिल को ही मैदान में उतारा था तो जनता ने ठुकरा दिया। वहीं दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप पहली बार सासंद का चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि वे लगातार दो बार पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत कर आए हैं, लेकिन अब उन्हें पार्टी ने संसद का रास्ता तलाश लिया है।

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