पीएमओ कर्मियों से बोले मोदी , समर्पित टीम के बिना नहीं मिलता परिणाम

नई दिल्ली – पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति से मिलकर 16वीं लोकसभा को भंग करने की सिफारिश की। इससे पहले पीएम ने प्रधानमंत्री कार्यालय के स्टाफ से बात की। पीएम ने पीएमओ में कार्यरत कर्मचारियों की जमकर तारीफ की। पीएम ने कहा कि कोई भी परिणाम तब तक नहीं मिलता, जब तक कोई समर्पित टीम नहीं मिलती है। सपने कितने ही सुहाने क्यों न हों, तब तक परे नहीं होते जब तक साथियों की सोच काम को लेकर एक जैसी नहीं होती है। पीएम ने बीज गणित के फॉर्म्युले का जिक्र कर पीएमओ कर्मियों की ऊर्जा के बारे में बताया। पीएम ने कहा, ‘पांच साल की अखंड एकनिष्ठ साधना, जिसका लक्ष्य देश के समान्य व्यक्ति के जीवन में आशा और बदलाव संचारित करना।’ पीएम ने कहा, ‘इन सब कामों का क्रेडिट तो पीएम को मिलता है। टीवी-अखबार में पीएम दिखता है, तारीफ भी पीएम को मिलती है, लेकिन जब तक कोई समर्पित टीम नहीं होती है, तब तक सपने कितने ही सुहाने और संकल्प कितने ही दृढ़ क्यों न हों, इरादे कितने ही नेक क्यों न हों… परिणाम मिलना मुश्किल होता है। परिणाम तब मिलता है, जब पीएम की सोच और साथियों की सोच एक साथ मिलती हो। पीएम जो भी विचार रखें, वह तो 10-15 मिनट में ही रखे जाते हैं, लेकिन उस एक लाइन को पकड़कर नीति का रूप देना एक लंबी प्रक्रिया होती है। यह सब टीम के बिना संभव नहीं होता है।’ मोदी ने कहा, ‘पांच साल तक, जिस इरादे से 2014 में चले थे 2019 तक हमने अपने मार्ग में जरा भी भटकाव नहीं आने दिया। हम समर्पण बढ़ाते गए। लोगों की अपेक्षाओं के कारण काम का दबाव बढ़ता गया। लोगों के विश्वास के कारण जब दबाव बढ़ता है तो वह ऊर्जा में बदल जाता है। हम लोगों ने अनुभव किया कि जो देश की अपेक्षाओं का दबाव में हमारे लिए बोझ नहीं बना, बल्कि हमारी ऊर्जा बन गया।’ पीएम ने वहां मौजूद पीएमओ कर्मियों से कहा, ‘आपने भी महसूस किया होगा कि पूर्व के कार्यकाल की अपेक्षा आपको भी परिवर्तन महसूस हुआ होगा। वह ऊर्जा लोगों की अपेक्षा से ही आई है।’

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