मोदी लहर में डूब गए कांग्रेसी

मंडी—लोकसभा चुनाव में मंडी सीट पर इस बार न सिर्फ जीत व हार का रिकार्ड बना है, बल्कि कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को भी यह चुनाव फिर से आईना दिखा गया है। पिछले विधानसभा चुनावों में मंडी जिला में कांग्रेस कोे मिली करारी हार के बाद अब लोकसभा चुनाव में तो मोदी व जयराम ठाकुर की लहर में कांग्रेस नेताओं पर कहर बन कर टूटी है। जबकि सत्ता के डेढ़ वर्ष बाद ही भाजपा विधायक अपनी पहली परीक्षा में पूरी तरह से सफल हुए हैं। लोकसभा चुनाव में पंडित सुखराम के नाम के सहारे मंडी जिला में वापसी की राह देख रही कांग्रेस जिला की दस सीटों पर करारा झटका लगा है। कांग्रेस का कोई भी पूर्व मंत्री, पूर्व सीपीएस व पूर्व विधायक आश्रय शर्मा को उतने वोट भी नहीं दिला सका है, जितने वोट कांग्रेस नेताओं ने पिछले विस चुनावों के समय प्राप्त किए थे। मंडी जिला में किसी भी हलके में आश्रय शर्मा को बीस हजार मत नहीं मिले हैं। संसदीय में शामिल मंडी जिला के नौ हलकों में से रामस्वरूप शर्मा को 267639 मतों की बढ़त मिली है। मंडी जिला के इन नौ हल्कों में रामस्वरूप शर्मा को 390091 मत मिले हैं। जबकि आश्रय शर्मा को 122452 मत मिले हैं। आश्रय शर्मा को सबसे अधिक मत मंडी जिला में द्रंग विस से मिले हैं। बता दें कि पिछले विस चुनावों में मंडी जिला की सभी दस सीटों पर कांग्रेस को हार मिली थी। इसलिए इस बार लोकसभा चुनाव के बहाने कांग्रेस नेता अपना प्रदर्शन सुधारने की तैयारी में थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। पिछले विस चुनावों में दं्रग हल्के से चुनाव हारने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर को 24851 मत पड़े थे, लेकिन लोकसभा चुनाव में वह भी आश्रय शर्मा को सिर्फ 17139 मत दिला सके हैं। तो सराज हल्के से मिल्क फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन चेतराम ठाकुर ने विस चुनावों में 23958 मत प्राप्त किए थे। जबकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सराज में बड़ी बुरी तरह से पिटी है। यहां से आश्रय शर्मा को 12017 मत मिले हैं। पूर्व आबकारी मंत्री प्रकाश चौधरी का भी यही हाल हुआ है। उन्हांेने विधानसभा चुनावों में 12811 मतों से हारते हुए 21893 मत प्राप्त किए थे, लेकिन लोकसभा चुनाव में यहां से आश्रय को 11676 मत ही मिल सके हैं। विस चुनावों में सुंदरनगर में कांग्रेस को 23,282 मत प्राप्त हुए थे, लेकिन लोकसभा चुनाव में पूर्व सीपीएस सोहन लाल आश्रय को 15711 मत ही दिला सके हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी व पंडित सुखराम के गृह क्षेत्र में भी कांग्रेस का यही हाल हुआ है। हालाकि पंडित सुखराम परिवार ने पिछला विस चुनाव भाजपा से लड़ा था और चंपा ठाकुर ने कांग्रेस से पहला चुनाव लड़ते हुए भी 21025 मत प्राप्त किए थे, लेकिन लोकसभा चुनाव में चंपा ठाकुर व पंडित सुखराम भी मिल कर आश्रय शर्मा को मात्र 13468 मत ही दिला सके हंैं। पिछले विधानसभा चुनावों में नाचन हलके में बागियों के चुनाव मैदान में होने के बाद भी कांग्रेस प्रत्याशी लाल सिंह कौशल 22258 वोट ले गए थे। इसी तरह सरकाघाट विस में पिछले विस चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी पवन शर्मा को 21403 मत मिले थे। वहीं इस बार पवन शर्मा और रंगीला राम राव मिल कर भी आश्रय शर्मा को 12361 मत ही दिला सके हैं। करसोग में पूर्व सीपीएस मंशा राम को विस चुनाव में 17272 मत मिले थे। जबकि यहां से लोस चुनाव में आश्रय शर्मा को कांग्रेस 12175 मत दे पाई है। जोगिंद्रनगर विस में कांग्रेस प्रत्याशी जीवन ठाकुर ने विधानसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर रहते हुए 6244 मत प्राप्त किए थे। हालाकि यहां आश्रय शर्मा को 10806 मत मिल गए है।

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