मोदी सरकार का अनुराग

मोदी सरकार के पैगाम हिमाचल के लिए पुनः सियासी प्रश्रय सरीखे हैं, क्योंकि जगत प्रकाश नड्डा की रिक्ति अगर सांसद अनुराग ठाकुर को मंत्रिमंडल में जगह दे रही है तो संगठन में पहली बार भागीदारी बढ़ रही है। यह दोहरा लाभ पर्वतीय प्रदेश के हिस्से में आ रहा है और विद्यार्थी परिषद से निकले जगत प्रकाश नड्डा अब अमित शाह के मंच पर उत्तराधिकार पा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर युवा ऊर्जा के साथ अनुराग ठाकुर अपना कद स्थापित कर रहे हैं। कयास थे, अब हकीकत के अक्स में सांसद अनुराग ठाकुर का आरोहण अपनी इबारत लिख रहा है। यह हिमाचल की दृष्टि से दूरगामी परिणामों की भविष्यवाणी है, तो उन सफल कदमों की कहानी भी है, जो इस दौरान राजनीति ने चले या अनुराग ठाकुर ने अपने लिए मंजिलें तय कीं। चौथी बार सांसद बनना और इस बीच भाजपा के पद और पदक हासिल करना किसी अन्य युवा नेता का समर्थन नहीं करते। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बीसीसीआई के अध्यक्ष और संसदीय समितियों में प्रतिनिधित्व के अलावा बहस के अपने मुहावरे तय करते अनुराग ने जो विशिष्टता और दक्षता हासिल की, उसी के प्रतिफल में मोदी सरकार में यह चेहरा चमक दिखा रहा है। संकेत तो चुनावी सभाओं के समक्ष और जनता के सामने उभरा था, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें ‘बड़े नेता’ के मुकाम तक पहुंचाने का वादा किया था। इन्हीं कालम में ‘भाजपा के बड़े नेता’ के तहत हमने लिखा था, ‘शाह का बयान भविष्य की नई गिनती हो सकता है या अब इस हकीकत को स्वीकार करने का वक्त आ गया है कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का सियासी पक्ष केंद्र में अपना हिस्सा प्राप्त करेगा। केंद्र में मंत्री के पद तक पहुंचे जगत प्रकाश नड्डा और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती की पैरवी में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र को बड़े नेता की जरूरत अनुराग ठाकुर से पूरी हो रही है, तो यह पार्टी का नया मंगलगीत है।’ जाहिर है ऐसे मंगलगीत को हिमाचल इसलिए सुनना चाहता था, क्योंकि बतौर सांसद अनुराग ठाकुर ने अपने क्षेत्र की फिजाओं का मार्गदर्शन किया और विकास को रेखांकित करते लक्ष्य तय किए। सियासी परिपक्वता और घर में गुरु व मार्गदर्शक पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पदचिन्हों पर खुद को रेखांकित करते अनुराग ठाकुर ने अपनी प्रतिभा को प्रदेश की संभावना बना दिया। इस लिहाज से यह मंत्री पद केवल हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का नहीं, बल्कि हिमाचल के सियासी सेतु को मोदी सरकार से जोड़ रहा है। जाहिर है अनुराग ठाकुर की अब तक की उपलब्धियों का लेखा-जोखा भारतीय क्रिकेट की हस्ती में भी होगा, जहां कम उम्र में शिखर पर होना उनकी क्षमता को पारंगत करता है। देश के सामने हिमाचल क्रिकेट की नई तस्वीर और खासतौर पर धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम की पेशकश ने उन्हें बड़े सपनों का पौरुष प्रदान किया। केंद्र सरकार के युवा मंत्रियों की फेहरिस्त में अनुराग के बहाने हिमाचल के युवा सपने अवश्य ही करवट लेंगे, फिर भी उन पर अब प्रदेश के विकास को नए मुकाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। सड़क परियोजनाओं से रेल विस्तार तक, हवाई अड्डों से एम्स तथा पीजीआई सेटेलाइट सेंटर के विस्तार तक तथा खेल व पर्यटन के उत्थान तक उनकी भूमिका में युवा ऊर्जा का कमाल देखा जाएगा। यह दीगर है कि मंत्रिमंडल में उनकी विभागीय जिम्मेदारी का हिमाचल को किस तरह का एहसास होता है। हिमाचल की दृष्टि से जगत प्रकाश नड्डा पहले ही ‘बड़े नेता’ के तौर पर ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह के विश्वासपात्र की भूमिका में देखे गए हैं। बतौर स्वास्थ्य मंत्री हिमाचल ने उनसे जो पाया, उसकी निरंतरता कायम रहेगी। पार्टी संगठन में पहले से ही नड्डा की भूमिका सत्ता के अहम किरदार के रूप में रही है और इसीलिए जिस स्थान पर अनुराग होंगे, उससे कहीं भिन्न व असरदार भूमिका में जगत प्रकाश नड्डा को देखा जा रहा है। इस तरह वह अमित शाह के उत्तराधिकारी के रूप में संगठनात्मक शक्ति के परिचायक और सत्ता पक्ष के सशक्त पहरेदार बन रहे हैं। देश में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल कर रही भाजपा की ताकत का एहसास चकित करता है, तो इसकी कमान थामकर जगत प्रकाश नड्डा अब पार्टी के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति होंगे।

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