मोनो ट्रेन की संभावनाएं तलाशने विदेश पहुंचे आवासीय आयुक्त संजय कुंडू

 शिमला -हिमाचल में भूमिगत मेट्रो, ट्राम, बीआरटी और मोनो रेल की संभावनाओं को तलाशने के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों का दल बोलीविया पहुंच गया है। राज्य सरकार के आवासीय आयुक्त संजय कुंडू के नेतृत्व में विदेश पहुंचे दल ने रोप-वे निर्माण की आधुनिक तकनीक का भी अध्ययन किया है। संजय कुंडू की अगवाई में इस दल के साथ प्रधान सचिव परिवहन जगदीश चंद्र शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक रोप-वे कारपोरेशन व डब्ल्यूएपीसीओए के प्रबंधक प्रभाकर सत्ती भी मौजूद रहे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण परिवहन के समाधान के रूप में रोप-वे प्रणाली का अध्ययन करना था। भूमिगत मेट्रो, ट्राम, बीआरटी और मोनो रेल सहित सभी विकल्पों की जांच के बाद प्रतिनिधिमंडल इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि महानगरीय क्षेत्रों की शहरी गतिशीलता समस्याओं को हल करने के लिए रोप-वे किफायती, जल्दी निष्पादन योग्य और पर्यावरण अनुकूल समाधान है। दौरे के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने रोप-वे प्रणाली की तकनीक और संचालन का सूक्ष्मता से अध्ययन किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि यह प्रणाली विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित शहरों के लिए भूमिगत मेट्रो प्रणालियों की तुलना में अधिक अनुकूल और किफायती है। प्रतिनिधिमंडल ने डोपलमेयर के कार्यालय का भी दौरा किया और इस परियोजना को निष्पादित करते समय उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में विशेषज्ञों के साथ विस्तृत बातचीत की और अपने अनुभव को भी सांझा किया। चर्चा के दौरान, डोपेलमेयर के विशेषज्ञों ने हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्र की आवागमन समस्याओं का समाधान सुझाया। यदि इस रोप-वे प्रणाली को राज्य में लागू किया गया तो यह न केवल शिमला, धर्मशाला और मनाली जैसे शहरों में होने वाली आवागमन समस्याओं को हल करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों में अनुकूल और पर्यावरण मित्र कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

 

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