यात्री वाहनों की बिक्री में साढ़े सात साल की सबसे बड़ी गिरावट

 

यात्री वाहनों की बिक्री में साढ़े सात साल की सबसे बड़ी गिरावटकमजोर ग्राहक धारणा और आम चुनाव के मद्देनजर लोगों द्वारा खरीद टालने के कारण अप्रैल में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री 17.07 प्रतिशत घटकर 2,47,541 इकाई रह गयी। पिछले साल अप्रैल में यह आंकड़ा 2,98,504 रहा था। देश में यात्री वाहनों की बिक्री में यह साढ़े सात साल की सबसे बड़ी गिरावट इससे पहले अक्टूबर 2011 में बिक्री 19.87 प्रतिशत घटी थी। घरेलू वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम ने यहां सोमवार को अप्रैल के वाहन बिक्री के आंकड़े जारी किये। सभी श्रेणी के वाहनों की बिक्री घटने से देश में वाहनों की कुल बिक्री 15.93 प्रतिशत गिरकर 20,01,096 इकाई रह गयी। पिछले साल अप्रैल में देश में कुल 23,80,294 वाहन बिके थे। यह दिसंबर 2016 (18.67 प्रतिशत) के बाद से 28 महीने में कुल वाहन बिक्री की सबसे बड़ी गिरावट है। दिसम्बर 2018 से यह लगातार पांचवा महीना है जब वाहनों की कुल बिक्री घटी है।सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने बताया कि बाजार में इस समय ग्राहक धारणा कमजोर है। चुनाव के कारण संभावित खरीददारों ने कुछ हद तक बिक्री टाली भी है। इसके साथ ही अप्रैल 2020 से देश में सिर्फ बीएस-6 मानक वाले वाहनों के पंजीकरण की अनुमति होगी। इसके मद्देनजर कंपनियां भी अपना उत्पादन घटाकर इन्वेंटरी घटाने का प्रयास कर रही हैं। वाहन बीमा की बढ़ी लगात और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास नकदी की कमी जैसे कुछ कारक भी पिछले कुछ समय से वाहनों की बिक्री को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि चुनाव के बाद वाहनों की बिक्री एक बार फिर जोर पकड़ेगी और इस कैलेंडर वर्ष की दूसरी छमाही के आंकड़े अच्छे रहेंगे। 

 

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