यूएस-ईरान में बढ़ा तनाव

इराक से ट्रंप प्रशासन ने बुलाए अपने अधिकारी, युद्ध की आशंका नकारी

वाशिंगटन – अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए युद्ध जैसे हालात नजर आ रहे हैं। सऊदी के दो तेल टैंकरों पर यूएई के तट पर हुए हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। हालांकि, ईरान ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार करते हुए इसे विदेशी ताकत की साजिश बताया। इस बीच, पश्चिमी एशिया में अपनी स्थिति मजबूत करने और किसी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने की तैयारी अमरीका ने शुरू कर दी है। अमरीका ने इराक में मौजूद अधिकारियों को वापस बुला लिया है। गैर-आपातकालीन अमरीकी अधिकारियों को ट्रंप प्रशासन ने वापस लौटने का आदेश जारी किया है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध की तैयारी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ईरान से मुकाबला करने के लिए मध्य पूर्व में लगभग एक लाख 20 हजार सैनिकों को भेजने की योजना पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, इराक से अमरीका ने अपने अधिकारियों को बुलाकर ईरान के लिए सख्त तेवर जरूर दिखाए हैं। अमरीका और ईरान के संबंध पिछले एक साल में बेहद खराब हो गए हैं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा प्रशासन में ईरान के साथ हुए न्यूक्लियर डील को खत्म कर दिया और ईरान पर कठोर प्रतिबंध फिर से लागू हो गए। भारत और चीन जैसे देशों को दी गई रियायत भी खत्म हो गई और इन सबका असर ईरान के अर्थव्यवस्था पर बुरी तरह से पड़ा। अमरीका ने ईरान को और बड़ा झटका देते हुए तेल खरीद पर चीन और भारत जैसे देशों को मिलनेवाली छूट को भी खत्म कर दिया।

मिसाइल-युद्धपोत तैनात कर दिखाए सख्त तेवर

अमरीका ने अपने युद्धपोत यूएसएस आरलिंगटन और यूएसएस अब्राहम लिंकन को पश्चिमी एशिया क्षेत्र में तैनात किया है। अमरीका के रक्षा सलाहकार ने पहले ही कहा था कि अमरीका के खिलाफ ईरान युद्ध की तैयारी कर रहा है। ईरान के आक्रमण करने की आशंका का हवाला देते हुए अमरीका ने पश्चिम एशिया में पैट्रियट मिसाइलें भी तैनात की हैं।

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