यूएस-चीन में जंग से भारत फायदे में

विशेषज्ञ बोले, हिंदोस्तान के पास दोनों देशों में निर्यात बढ़ाने का सबसे बड़ा मौका

नई दिल्ली – विशेषज्ञों क ा मानना है कि अमरीका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध से भारत के लिए दोनों देशों में निर्यात अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत दोनों देशों में परिधान, कृषि, वाहन और मशीनरी के क्षेत्र में निर्यात अवसर हासिल कर सकता है। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) में प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी ने कहा कि अमेरिका मुख्य रूप से चीन से खासतौर से मशीनरी और इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में मध्यवर्ती उपकरणों पर निशाना साध रहा है जबकि दूसरी तरफ चीन ने अमरीका से ऑटोमोटिव और सोयाबीन सहित कृषि उत्पादों को निशाने पर लिया है। श्री जोशी ने कहा कि इन क्षेत्रों में भारत के लिये व्यापक संभावनाएं हैं। भारत के लिये परिधानों और सिले सिलाए कपड़ों के क्षेत्र में मजबूत अवसर पैदा हो रहे हैं, क्योंकि चीन के बाद दुनिया में भारत ही ऐसा देश है जहां वैश्विक ग्राहकों को इतने बड़े पैमाने पर आपूर्ति की श्रंखला उपलब्ध हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिये। भारत को विशेषतौर पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना निर्यात बढ़ाना चाहिए। भारतीय निर्यातकों के संगठन फियो ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए हैं। फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने भी कहा कि अमरीका और चीन के बीच व्यापार तनाव भारत के लिए ‘भगवान से भेजे गए अवसर’ के समान है। भारत के लिये चीन में काम कर रही कंपनियों से निवेश पाने का बेहतर अवसर साबित हो सकता है। अमरीकी बाजार को ध्यान में रखते हुए, जिन कंपनियों ने वहां निवेश किया है, वह वहां से अन्यत्र जाना चाहेंगी और भारत इसके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। लुधियाना स्थित निर्यातक और फियो के पूर्व अध्यक्ष एससी रल्हन ने भी इस स्थिति को भारत के लिए फायदेमंद बताया। उनहोंने कहा कि दोनों देशों में इंजीनियरिंग और मशीनरी क्षेत्र में निर्यात के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे और हमें इस स्थिति का फायदा उठाना चाहिए।

पिछले साल बेचे 11.2 प्रतिशत ज्यादा उत्पाद

फियो के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने कहा कि 2018 में अमरीका को होने वाले भारत के निर्यात में 11.2 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि चीन को हुए निर्यात में इस दौरान 31.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि आज चीन पहले से कहीं अधिक भारतीय उत्पादों के लिए अपनी बाजार पहुंच बढ़ा रहा है। भारत से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिये बाजार पहुंच बेहतर हुई है। चीन अपने नागरिकों को यह साबित करना चाहेगा कि अमरीका के साथ उसके व्यापार युद्ध का देश पर कोई असर नहीं हुआ है।

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