योजनाओं के पूरा होने का इंतजार कर रहा ठियोग

ठियोग -ठियोग विधानसभा में पूर्व सरकार ने जिस तरह से करोड़ों रुपए की योजनाओं के शिलान्यास किए थे उसे पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है। हालंाकि काम सब योजनाओं पर चल रहा है लेकिन उम्मीद के मुताबिक नहीं। माहौल चुनाव का है तो ऐसे में बस चारों ओर निर्माणाधीन योजनाओं को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है। ठियोग में बस स्टैंड, बाइपास 150 बैड वाले एक आधुनिक अस्पताल के भवन निर्माण को पूरा करना, कुल्लू के कुरपनखड्ड से ठियोग विधानसभा क्षेत्र के लिए बनने जा रही एक बड़ी महत्त्वाकांक्षी योजना को कार्य पूरा करवाना, पंदोआ खड्ड से मतियाना के लिए बनने जा रही सिंचाई योजना को पूरा करना, पुराने बस स्टैंड में प्रस्तावित शापिंग कांप्लेक्स व पार्किंग की योजना ठियोग में सबसे प्रमुख है जिन पर कार्य तो चल रहा है लेकिन इसे पूरा करवाने के लिए सरकार को गति देनी होगी तभी इन करोड़ों रुपए की योजनाओं से जनता लाभान्वित हो सकेगी। जबकि इसके अलावा ठियोग में और भी कई बड़ी चुनौतियां मुददा बनी हुई है। इनमें शहर में बढ़ती ट्रैफिक की समस्या जिससे हर आदमी परेशानी है। पार्किंग न होने से ठियोग में लोगों को अपने वाहनों को पार्क करने में खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है जबकि इसके अलावा रसोई गैस व अग्निशमन के कार्यालय का निर्माण जोकि अभी किराए कि कमरे में चल रहे हैं। पिछले दस वर्षों से निर्माणाधीन सीवेरज योजना को पूरा करना मतियाना में आईपीएच के डिवीजन के भवन निर्माण को पूरा करवाना स्वास्थ्य शिक्षा व अन्य विभागों में चल रही स्टाफ  की भारी कमी को पूरा करना सड़कों की खराब हालत में सुधार के अलावा ग्रामीण सड़कों को एंबुलेंस रोड में शामिल करना जैसी कई समस्याएं लोगों के सामने हैं जिसे पूरा होने का मुद्दा भी प्रमुख है। ठियोग विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से एक बड़े भू-भाग में फैला होने के कारण यहां पर रोड की क्नेक्टिविटी तो है लेकिन इन सड़कों को पक्का करना भी आने वाली सरकार के लिए चुनौती है। ठियोग जिला शिमला का प्रमुख द्वार हैं। जबकि पहाड़ों की रानी शिमला के साथ सटा होने के कारण यहां पर पर्यटन को बढ़ावा देने की भी काफी अधिक जरूरत है। ठियोग के साथ सटे फागू गलू आदि में सैलानी तो काफी अधिक संख्या में आते हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव के कारण वे भी निराश है। सरकार यहां पर कुछ नई योजनाएं लाकर बेरोजगारों को भी रोजगार दे सकती है।  जबकि पर्यटन नगरी नारकंडा में स्की लिफ्ट की योजना भी अभी विचाराधीन है। पिछले काफी समय से विभिन्न राजनीतिक दलों ने इन सुदंर वादियों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के आश्वासन तो जरूर दिए लेकिन हुआ कुछ नहीं। चुनावी माहौल होने के कारण इन दिनों सभी मुद्दे चर्चा में है। हालांकि चुनाव भले ही लोकसभा का हो रहा है लेकिन स्थानीय नुमाइदों को विकास के मामले में लोग पूछ रहे हैं।

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