रतन लाल सुजानपुर के लिए अमूल्य रत्न

सुजानपुर -ब्यास नदी में अगर कोई डूब जाए या फिर किसी की डेड बॉडी ढूंढनी हो, तो रतन लाल को अकसर बुलाया जाता है। वह अब तक 14 लोगों की जान बचा चुका है। जब भी उसे किसी की ब्यास में डूबने की सूचना मिलती है, तो वह अपनी जान की परवाह किए बगौर ब्यास में कूद जाता है। वह टायर की टयूब की मदद से लोगों को ब्यास में डूबने से बचाता है। रतन लाल की बहादुरी के किस्से सुजानपुर में जगह-जगह सुनने को मिल सकते हैं, लेकिन जिला प्रशासन व सुजानपुर पुलिस आज तक रतन लाल को वह सम्मान नहीं दे पाई है, जिसका वह प्रबल दावेदार है। यही कारण है कि रतन लाल आज तक अपनी पहचान सुजानपुर से आगे तक नहीं बढ़ा पाया है। बता दें कि सुजानपुर शहर के वार्ड नंबर दो के रतन लाल (58) पुत्र स्व. बूटा राम अपनी बहादुरी के लिए काफी जाने जाते हैं। हाल ही में सुजानपुर की ब्यास नदी में डूबे युवक की डेड बॉडी को बाहर निकालने और इसकी सूचना सुजानपुर पुलिस व जिला प्रशासन को रतन लाल ने ही दी थी। हालांकि युवक के शव को ढूंढने में एनडीआरएफ की टीम भी असफल हो गई थी, लेकिन रतन लाल ने टायर की ट्यूब की मदद से ब्यास में अपने दम पर ही शव को खोज निकाला था। रतन लाल को जब भी किसी की ब्यास नदी में गिरने की सूचना मिलती है, तो वह अपनी जान की परवाह किए बगैर ही लोगों की जान बचाने में लग जाते हैं। ऐसे में एक दर्जन से अधिक लोगों की आज तक जान भी बचा चुके हैं, लेकिन उन्हें आज तक वह सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसके वह हकदार हैं। वहीं, इस साहसिक व्यक्ति के इस हुनर की कद्र करते हुए सुजानपुर निवासी एवं डिफेंस अकादमी संचालक प्रकाश सुडियाल ने सुजानपुर प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस तरह का साहसिक कार्य करने वाले इस व्यक्ति विशेष को विशेष सम्मान देकर सम्मानित किया जाना चाहिए।

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