रशिरगुल महाराज के प्रसिद्ध मेले का हुआ समापन

नौहराधार -नौहराधार गेलियों में शिरगुल महाराज का प्रसिद्ध मेले का बुधवार को समापन हो गया। इस मेले के समापन अवसर पर नरेश चंद वर्मा ज्वेलर्स सोलन ने किया। इस मेले में देवताओं की छडि़यों के साथ व वाद्य यंत्रों के साथ शोभा यात्रा मेले स्थल तक पहुंची थी। बुधवार को विजट महाराज देवना व शिरगुल देवताओं की छडि़यां वापस अपने देव स्थान पर पहुंची। गौरतलब है कि इस तीन दिवसीय मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। सिरमौर जिला के अलावा बाहरी जिला, राज्य से भी भारी संख्या में लोगों ने शिरकत की। मेले में बाहरी राज्यों दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ के अलावा विभिन्न जिलों व राज्यों से व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजाई। इस मेले में जहां मेलार्थियों ने झूले का आनंद लिया, वहीं मेलार्थियों ने खेलकूद प्रतियोगिताओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी खूब आनंद उठाया। इस मेले में मुख्य रूप से पहलवानों ने लोगों का खूब मनोरंजन करवाया। पहलवानी मेले का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों के पहलवानों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सबसे पहले राय सिंह ने मंच संभाला। उन्होंने गुरु वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद जैसे ही उन्होंने अपनी सुपरहिट एलबम सूरे तुलसी हाय, तुये मोनिया जाणा नी टीकरो गीतों को गाया तो पंडाल में बैठे श्रोता झूम उठे। इसके बाद राजेश नीटू ने मंच संभाला। उन्होंने राजा भरतरी से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद शालो रा लपेटा, उबा कुदोनो उदा नोरु गाकर श्रोताओं को नचा दिया। अंत में इस कार्यक्रम के मुख्य कलाकार यशवंत दमसेट ने मंच संभाला। उन्होंने चूड़ी रे जांगले, कांडा चूटा कमरों रा, हमें पाउने तेरे रे, तेरा मेरा प्यार आडि़ये एकी दूजे रा, पापो जन्मो बिजिया गाकर दर्शकों को खूब नचाया। इसके अलावा देवना थनगा के छात्र-छात्राओं ने भी अपनी प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर तुलसी राम चौहान, जोगेंद्र सिंह पुंडीर, दिनेश चौहान, जगमोहन पुंडीर, कमल नयन चौहान, हेतराम भारद्वाज, भूपाल सिंह, नरेंद्र चौहान, रघुवीर सिंह आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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