रूसा के रिजल्ट से एनएसयूआई आहत

शिमला—हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एनएसयूआई इकाई ने गुरूवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिंकदर  कुमार को छात्रों की समस्याओं को देखते हुए ज्ञापन सौंपा।  एनएसयूआई ने एचपीयू प्रशासन को छात्रों की समस्याओं से अवगत करवाया। एनएसयूआई ने बताया कि हाल ही में रूसा के परीक्षा परिणाम के कारण छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एनएसयूआई इकाई  के अध्यक्ष वीनू मेहता ने बताया कि जो छात्र छात्राएं अपने कालेज में प्रथम श्रेणी में थे, उनके भी परिणाम बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं। हिमाचल प्रदेश विश्विविद्यालय के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय के परिणाम बहुत ही खराब आए हैं, जिसके चलते पूरे हिमाचल प्रदेश के छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हर दिन हजारों छात्र अपने रिजल्ट को दोबारा ठीक करवाने के लिए विश्वविद्यालय का रूख कर रहे हैं। एनएसयूआई मांग करती है कि जल्द से जल्द इन परीक्षा परिणाम के रिजल्ट को दोबारा से पुननिरिक्षण के लिए भेजा जाए, ताकि छात्रों का परीक्षा का सार्थक परिणाम आ सके। वहीं, छात्रों को भविष्य में ऐसी समस्याओं से न गुजरना पड़े। वीनू मेहता ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा  तुगलकी फरमान निकाला गया है, जिसके तहत एचपीयू के ब्वायज होस्टल के छात्रों के लिए होस्टल में आने के समय में परिर्वतन किया गया है। इन दिनों छात्र परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हुए हैं। छात्र एचपीयू लाइबे्ररी में पढ़ाई करने जा रहे हंै। एनएसयूआई मांग करती है कि जो विद्यार्थी  पुस्तकालय में रात के समय पढ़ना चाहते हैं। उन्हें देर रात तक लाइब्रेरी में पढ़ने दिया जाए। लाइब्रेरी में देर रात तक पढ़ने वाले छात्रों को होस्टल में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में छात्र रात के समय बाहर रहने के लिए मजबूर हैं। एनएसयूआई ने मांग की है कि ब्वायज होस्टल में छात्रों के प्रवेश  के समस में किसी तरह का कोई परिवर्तन न किया जाए। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय के कुलपति के समक्ष प्रवेश परीक्षा में बदलाव की मांग की, जिसमें 19 तारीख को छात्र मतदान कर सकें व 20 तारीख को मानसिक तौर पर प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार रहें। इस दौरान एनएसयूआई के प्रवीण मिन्हास, प्रज्वल गुप्ता, अरविंद ठाकुर, रजत भारद्वाज, आदित्या शर्मा, अभिषेक ठाकुर आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।  

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