रेणुकाजी में निकली भगवान परशुराम की शोभायात्रा

श्रीरेणुकाजी—रेणुकाजी तीर्थ में श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड ने भगवान परशुराम जयंती पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया। भगवान परशुराम के जन्मस्थल जामूकोटी व कटाहं शीतला से पालकियों मंे भगवान को यहां लाया गया। तहसील परिसर में देव पालकियों का अभिनंदन किया गया। यहां कुछ समय पालकियों को लोगों के दर्शनार्थ रखा गया। यहां से तहसीलदार ददाहू देवी सिंह कौशल ने देव पालकियों को उठाकर शोभायात्रा के लिए रवाना किया। भगवान परशुराम के जयघोषों के बीच पुलिस, ददाहू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के एनसीसी, रेणुकाजी विकास बोर्ड सदस्यों, परशुराम सेवादल जामू भोज रेणुका के प्रधान राजेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में सभी सदस्य पीले झंडे लेकर रथ में भगवान परशुराम की पालकी लेकर आगे आगे चल रहे थे। बीच बैंडबाजों के साथ भव्य शोभा यात्रा ददाहू बाजार होते हुए निकली। शोभा यात्रा में तहसील प्रशासन के अलावा सीईओ दीप राम, रविंद्र गोयल, ददाहू स्कूल के प्रिंसीपल सुनील शर्मा, डीपीई अभिषेक ठाकुर, प्रधान खूड़ अनिल ठाकुर, उपप्रधान पंकज गर्ग, इंद्र प्रकाश, इंद्र सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। देव पालकियां ददाहू बाजार होती हुई शोभा यात्रा पुरानी देवठी पहुंची, जहां भगवान को विराजमान किया गया। शोभा यात्रा में परशुराम सेवादल जामू भोज के कार्यकर्ता व सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बच्चे पीले व लाल झंडे लेकर शोभा यात्रा के दोनों तरफ चले। ददाहू बाजार मंे देव पालकियों का जगह-जगह स्वागत किया गया। डैविकोज प्लाजा के सामने नवयुवक मंडल के युवाओं व व्यापारियों ने फूलों से देवताओं का अभिनंदन किया। उपप्रधान पंकज गर्ग, राजकुमार, रमन वर्मा, एश्वर्या गुप्ता, विपिन गोयल, मिठ्ठू, अभिषेक, विपुल, रोमी, डिंपी चावला, अखिल गुप्ता, विजय सूद, अरुण बत्रा सहित कई युवाओं ने सुबह से ही लोगों को ब्रैड पकौड़ा, हलवा, छोले चावल, कढ़ी चावल, कोल्ड ड्रिंक्स व चाय का प्रसाद वितरित किया गया। वहीं व्यापार मंडल के प्रधान कुलभूषण गोयल ने भी मीठे पानी की छबील लगाई व पालकियों का स्वागत किया। ददाहू बाजार में देव पालिकाओं के सामने महिला मंडल के सदस्यों ने डांडिया नृत्य भी किया। वहीं रेणुका पहुंचने पर हिमाचल प्रांत के श्री महंत दयानंद भारती, मोहन पुरी, रेनेंद्र मुनि सहित कई संतों ने पालकियों का अभिनंदन किया। यह पर्व तीन दिनों तक धूमधाम से मनाया जाएगा। भगवान परशुराम का जन्मदिन का उत्सव रेणुका तीर्थ में तीन दिनों तक मनाया जाएगा। इसमें स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया। रात्रि को भजनों पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर सात मई को प्रातः साढ़े नौ बजे प्राचीन देवालय परिसर में हवन यज्ञ किया जाएगा। रात्रि को भजनों पर आधारित कार्यक्रम मंदिर परिसर में किए जाएंगे। आठ मई को रेणुका विकास बोर्ड द्वारा देव पालकियों को पूजा-अर्चना के बाद विदा किया जाएगा।

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