रोप-वे से जुडे़गा तारादेवी-टेढ़ा मंदिर

ज्वालामुखी —विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जिला प्रशासन यहां पर रज्जू मार्ग की योजना बना रही है । ज्वालामुखी शहर से तारा देवी मंदिर, अर्जुन नांगा व टेड़ा मंदिर से जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों व पर्यटकों को मां ज्वालामुखी के दर्शनों के बाद इन छोटे व ऐतिहासिक मंदिरों में जाने का मौका मिलेगा । गौरतलब है कि इन ऐतिहासिक मंदिरों को पर्यटक दूरी होने की वजह से देख नहीं पाते है। पहाड़ पर पौडि़यों व दुर्गम रास्ते को चढ़ कर इन मंदिरों में पहुंचा जा सकता है। इसलिए यात्री मुख्य मंदिर ज्वालामुखी में ही माथा टेककर वापस लौट जाते है। यदि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां पर रज्जू मार्ग का निर्माण हो जाता है, तो निश्चित तौर पर यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा । सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

ज्वालामुखी में पर्यटन को देंगे रफ्तार

इस संदर्भ में एसडीएम राकेश शर्मा  ने कहा कि चुनावों के बाद पर्यटन विभाग की टीम यहां का दौरा करेगी, जो यहां पर रज्जू मार्ग बनाने की संभावनाओं को तराशेगी। वहीं, टिहरी रोड से अद्धे दी हट्टी के लिए पैराग्लाइडिंग के लिए संभावनाएं भी देखी जाएंगी, ताकि क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके।  राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कहा कि ज्वालामुखी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।

बदहाली के आंसू रो रहा टेढ़ा मंदिर

ज्वालामुखी में दर्जनों छोटे बड़े मंदिर मौजूद है, जिनको वर्ष 1992 में राज्यपाल शासन के दौरान राज्यपाल के तत्कालीन सलाहकार पीपी श्री वास्तव ने परिक्रमा मार्ग बनवाकर आपस में जोड़ने का प्रयास किया था। उस दौरान लाखों रुपए परिक्रमा मार्ग पर खर्च हुए थे ।  इस मार्ग पर चोपहिया वाहन तक आने जाने का प्रावधान किया गया था,  ताकि यात्री अपने वाहनों में इन मंदिरों में जाकर परिवार सहित माथा टेक सकें, परंतु प्रशासन की उदासीनता व लापरवाही के चलते आज यह परिक्रमा मार्ग बुरी हालत में है। इस  मार्ग को भैंरों मंदिर व अंबिकेश्वर महादेव मंदिर तक वाहन योग्य बनाया गया था उसके आगे टेड़ा मंदिर मार्ग के रास्तों की मरम्मत करवाई गई थी। आज टेड़ा मंदिर मार्ग की हालत भी खराब है।

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