रोहतांग दर्रे पर फिर हिमपात

मनाली—रोहतांग दर्रे की बहाली में जुटे बीआरओ पर इंद्र देव मेहरवान होते नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि बीआरओ  को रोहतांग दर्रे की बाहली के लिए महज 15 किलोमीटर सड़क से बर्फ हटाना शेष रह गया है, लेकिन खराब मौसम बीआरओ को आगे बढ़ने नहीं दे रहा है। ऐसे में बार-बार रोहतांग दर्रे पर हो रहे हल्के हिमपात ने बीआरओ की दिक्कतें भी बढ़ा डाली हैं। रविवार को  भी दोपहर बाद दर्रे पर अचानक मौसम बदला और यहां  हल्के हिमपात का दौर शुरू हो गया। दर्रे व इसके आसपास के क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होते ही जहां बीआरओ का सड़क बहाली का काम रुक गया, वहीं घाटी के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। यह पहल ऐसा मौका है, जब मई माह में भी रोहतांग दर्रे पर हल्की बर्फबारी का दौर जारी है। यही नहीं, रविवार को लाहुल सहित मनाली की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी को दौर दिन भर रुक-रुक कर चलता रहा। कुल्लू में जहां दोपहर बाद बारिश की फुहारें गिरीं, वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि एक तरफ  जहां मैदानी क्षेत्रों में पारा आसमान छूने लगा है, वहीं पहाड़ों में ठिठुरन भरी ठंड जारी है। लगातार हो रही बर्फबारी व बारिश से पहाड़ में अभी सर्दी का ही मौसम चल रहा है। रविवार को भी लाहुल सहित मनाली की ऊंची चोटियों में बर्फबारी हुई। घाटी में बादल छाए रहे, जबकि चोटियों ने बर्फ की सफेदी ओढ़ी। लाहुल व मनाली के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से पर्यटन नगरी मनाली में ठंड हो गई है। यही नहीं, बर्फबारी के कारण मनाली के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। रोहतांग दर्रे सहित धुंधी की पहाडि़यों, मनालसू जोत, भृगु व दशौहर जोत, मकरवेद व शिकरवेद की पहाडि़यों, हामटा जोत, हनुमान टिब्बा व इंद्र किला में बर्फ  के फाहे गिरे। दूसरी ओर लाहुल घाटी की लेडी ऑफ  केलांग, दारचा की पहाडि़यों सहित कोकसर व गोंधला की चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे हैं।

20 मई तक दर्रा बहाल करने का लक्ष्य

बीआरओ ने लाहुल की ओर से कोकसर से छह किलोमीटर दूर रोहतांग की ओर बढ़ते हुए ग्रांफू में दस्तक से दी है। बर्फ के फाहों ने बीआरओ की सड़क बहाली की रफ्तार को धीमा कर दिया है। बीआरओ की मानंे तो सभी परिस्थितियां ठीक रही तो 20 मई तक रोहतांग दर्रे को बहाल कर लाहुल घाटी को कुल्लू से जोड़ देगा। सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि मौसम ने उनकी दिक्कतों को बढ़ाया है।

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