लंगरों को प्रशासन देता है नाममात्र सुविधाएं

नादौन—मणिमहेश यात्रा के दौरान लंगर लगाने वालों को आने वाली समस्याओं के बारे में नादौन में स्थानीय जै भोले मणी महेश मंडल दुनाली के सौजन्य से आल इंडिया श्री मणिमहेश लंगर एसोसिएशन की बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मोती जोशी ने की जबकि समिति की चेयरमैन अरुणा बतौर मुख्यअतिथि व हरिमोहन गौत्तम बतौर विशेष अतिथि उपस्थित हुए। बैठक में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा हिमाचल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जानकारी देते हुए अजय सौंधी ने बताया कि लंगर लगाने के दौरान समिति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है इन्हीं समस्याओं के हल के लिए बैठक के दौरान चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि लंगर लगाने के लिए प्रशासन द्वारा 12 हजार रुपए बतौर लंगर फीस ली जाती है जिसे बंद किया जाए क्योंकि प्रशासन द्वारा केवल नाममात्र की सुविधाएं ही लंगरों को उपलब्ध करवाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए अधिकांश लंगर जन सहयोग से ही लगाए जाते हैं। समिति का कहना है कि प्रशासन द्वारा लंगरों में शौचालयों के लिए अधिक दवाब बनाया जाता है परंतु सभी लंगरों के लिए पानी की एक ही पाइप द्वारा पेयजल की व्यवस्था की जाती है जिसके कारण कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं पूरे रास्ते में पेयजल की समस्या रहती है इसके लिए उपयुक्त कदम उठाए जाने चाहिए। सदस्यों का कहना था कि हड़सर से लेकर धनछो से पीछे दुनाली तक  सरकार द्वारा कोई भी चिकित्सा शिविर नहीं लगाया जाता जबकि यह रास्ता भी काफी दुर्गम है। इसलिए यहां चिकित्सा की व्यवस्था की जानी चाहिए। समिति सदस्यों ने कहा कि इस यात्रा के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं इसलिए इस यात्रा का आयोजन सरकार के किसी बड़ मंत्री की देखरेख में होना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस बार भी यह यात्रा आगामी 15 अगस्त से आरंभ हो रही है, जिसके लिए प्रशासन समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण करे। इस अवसर पर श्याम कुमार, राजेश शर्मा, पुष्पिंदर शर्मा, अरूण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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