लदरौर की समस्याओं का कब होगा समाधान

भोरंज—उपमंडल भोरंज का प्रसिद्ध कस्बे लदरौर जो बिलासपुर और हमीरपुर की सीमा पर स्थित है, अपनी बदहाली का रोना रो रहा है। यह कस्बे मां संतोषी माता मंदिर के  कारण प्रदेश भर में प्रसिद्ध है और जाहू कलखर राष्ट्रीय उच्च मार्ग के किनारे स्थित मंदिर का काफी महत्त्व है। हालांकि व्यापारिक दृष्टि से लदरौर कस्बा ने काफी उन्नति की है लेकिन लदरौर कस्बे में समस्याओं का अंबार भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। मंदिर के मुख्य द्वार के समक्ष वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है और भराड़ी सड़क मार्ग पर तो हमेशा दो से तीन बसें खड़ी रहती हैं। इससे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। अब इसे प्रशासन की लचर व्यवस्था कहें या स्थानीय प्रतिनिधियों की कमी। लदरौर में हमेशा एक सार्वजनिक शौचालय की कमी खलती है, लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। यहां पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। इससे मंदिर में आए श्रद्धालुओं और दुकानदारों को सड़क पर ही वाहन पार्क करने पड़ते हैं। इससे जाम के साथ दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है। यहां तक कि बैठने के लिए एक छोटी सी वर्षाशालिका है, जिसमे आठ से दस व्यक्ति ही बैठ सकते हैं। लोगों के बैठने तक कि सुविधा यहां मौजूद नहीं है। गौरतलब है कि लदरौर कस्बे में वर्ष भर तीन से चार मेलों का आयोजन भी होता है। नवरात्रों के अलावा लदरौर का सायर मेला प्रसिद्ध है। फिर भी न तो पर्यटन विभाग लदरौर कस्बे की समस्याओं की ओर ध्यान देता है और न ही प्रशासन। लदरौर कस्बे में बस स्टैंड और पार्किंग के सपने तो काफी समय से राजनेता दिखा रहे हैं पर धरातल पर कोई भी काम नहीं हो रहा। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। मंदिर में आए श्रद्धालुओं व स्थानिय लोगों में सुनील कुमार, अशोक कुमार, रमेश चंद, विजय, राजेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, निक्का राम, रविकांत, लक्ष्मी देवी, कृष्णी देवी, निशा, कांता देवी, तारा देवी, पूर्ण चंद भाटिया, अश्वनी, कपिल शर्मा इत्यादि ने मांग की है कि लदरौर में शीघ्र समस्याओं की सुध ली जाए। शीघ्र धार्मिक कस्बे के उत्थान के लिए कदम उठाए जाएं। 

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