लापरवाह कर्मियों को भी हो जुर्माना

 पालमपुर —सार्वजनिक स्थलों पर कूड़े फेंकने पर अगर जुर्माना हो सकता है, तो लापरवाही बरतने वाले सफाई कर्मचारियों पर भी यह प्रावधान लागू हो। यह शब्द पालमपुर कस्बावासियों ने कहे हैं, जिनके घरों से सफाई कर्मचारी जान-बुझकर कूड़ा नहीं ले जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि स्वच्छता अभियान के तहत पालमपुर से घर-घर कूड़ा उठाए जाने की योजना को परवान चढ़ाया जा रहा है, लेकिन कुछ सफाई कर्मचारी इस कार्य में लापरवाही कर रहे हैं, जिसका खामियाजा पालमपुर कस्बावासियों को उठाना पड़ रहा है। पालमपुर वार्ड सात में कूड़ा उठाने के लिए नियुक्त कर्मचारी कोताही बरत कर गीला कूड़ा उठाकर नहीं ले जा रहे हैं। इलाकावासियों ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारी गीले गत्ते को भी कूड़ेदान से नहीं उठा रहे हैं, जबकि सही मायने में गीले गत्ते को सूखे कूड़ेदान में नहीं डाला जा सकता है। इसी तरह दूध की गीली थैलियों को किसी गलत कूड़ेदान में डालने पर भी कर्मचारी बहाना ढूंढ रहे हैं और कूड़े को वही छोड़कर चले जा रहे हैं। कस्बे के कुछ लोगों ने कहा कि स्थानीय सफाई कर्मचारी जनता का सहयोग करते हैं, लेकिन  तैनात किए सफाई कर्मचारी कस्बे के लोगों से सही संवाद स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मिश्रित कूड़ा उठाने के लिए सफाई कर्मचारी लोगों से कह रहे हैं कि कूड़े को नगर परिषद के यहां आने वाले ट्रैक्टर में खुद डालें। इलाके के लोगों ने कहा कि मिश्रित कूड़ा उठाकर ट्रैक्टर में डालना सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी है, लेकिन वार्ड सात के लिए नियुक्त सफाई कर्मचारी ट्रैक्टर तक भी कूड़ा उठाने में लापरवाही बरत रहे हैं और मकान मालिकों को स्वयं कूड़ा ट्रैक्टर तक पहुंचाने की बात कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि यदि उनको यही मालूम नहीं कि ट्रैक्टर कब आता है, तो वे सड़क तक कूड़ा कैसे पहुंचाएं। शिकायत रही कि क्या वे ट्रैक्टर का इंतजार करते रहें।

जांचकर्ता के बाद भी कूड़ा उठाए जाने में कोताही जारी

हैरत की बात यह भी है कि सफाई कर्मचारियों के ऊपर एक जांचकर्ता भी बिठाया गया है, लेकिन कूड़ेदान से कूड़ा उठाए जाने में कोताही जारी है।  प्रश्न यह भी है कि यदि किसी कारणवश घर का कूड़ा मिश्रित हो गया है तो क्या नगर परिषद के कर्मचारी कूड़े को उठाएंगे ही नहीं। जनता ने पालमपुर नगर परिषद से मांग उठाई है कि सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने वालों पर यदि जुर्माने का प्रावधान है, तो फिर लापरवाह कर्मचारियों पर भी यह लागू हो।

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