लावारिस पशुओं से निजात दिलाओ, वोट पाओ

गरली—अगामी लोकसभा चुनावों की तारीक नजदीक आते ही उपमंडल देहरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरद्वारा, करियाड़ा मंे अब लावारिस पशुओं का मुद्दा तूल पकड़ने लगा है। यहां क्षेत्र भर के चारों ओर झुंड बनाकर घूम रहे दर्जनों लावारिश पशु आगामी लोकसभा चुनावों मंे अपना भाग्य जमाने वाले प्रत्येक प्रत्याशी के लिए चनौती बनेगा। गुरुवार को गांव करियाड़ा में स्थानीय ग्रामीणों ने एक आपात बैठक का आयोजन किया, वहीं इस दौरान लावारिस पशुओं के आतंक से परेशान किसानों-ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ  कर दिया है कि वे उसी प्रत्याशी के पक्ष मंे मतदान करेगें जो यहां लावारिस पशुओं से छुटकारा दिलाने का दम भरेगा। ग्रामीणों का अरोप है कि प्रदेश में लावारिश पशुओं का आतंक अब प्रदेश सरकार के लिए बहुत ही अहम मुद्दा बन चुका है।  चुनाव चाहे विधानसभा का हो या फिर लोकसभा का, नेतागण इस दौरान किसानों को लावारिस पशुओं, सड़क सुविधा व अन्य तमाम  परेशानियों से छुटकारा दिलवाने के कई झूठे आश्वासन देकर चुनाव जीत जाते हंै, लेकिन उसके पश्चात पांच वर्षो मंे कहीं दूर-दूर तक नजर नहीं आते हंै। लिहाजा इस गंभीर समस्या को निपटने के लिए किसी भी नेता के पास वक्त तक नहीं होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि लावारिस पशुओं ने क्षेत्र के किसानों की नींद हराम कर दी है, हालात ऐसे हैं कि ये  बेजुबान पशु आंख झपकते ही यहां खेतों में फसलों ब सब्जियों को चट कर रहे हैं। ग्राम सुधार सभा निचला करियाड़ा के तमाम पदाधिकारियों के अलावा महिला मंडल की नारी शक्ति, सोशल वर्कर एंड डिपार्टमेंट एसोसिएसन करियाड़ा की निदेशक सुलेखा चौधरी व रमेश शर्मा रामगोपाल शर्मा, बाबू राम, जोगिंद्र सिंह, सतपाल शर्मा, जगदीश शर्मा, कुलदीप सिंह व डाक्टर संसार चंद सहित अन्य किसानों-ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र भर के तमाम लोग इन दिनों अपनी फसलों को बचाने के लिए रात-दिन भूखे-प्यासे खेतों मंे पहरा दे रहे हंै, लेकिन बावजूद इसके यहां इलाके में करीब पचास  प्रतिशत फसल उक्त पशु चट कर जाते हंै, जिससे यहां किसानों अपने भाग्य को कोसता नजर आए रहा है । ग्रामीणों का कहना है कि उक्त लावारिस पशुओं का झुंड एक साथ यहां खेत में अचानक धावा बोल रहे है ग्रामीण अपनी फसल उजड़ते देख उन्हें वहां से हटाने की कोशिश करते हैं तो ये उल्टा उक्त ग्रामीणों पर हमला करने के लिए पीछे दौड़ रहे है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि यहां लावारिश पशुओं को छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई हो ताकि वे पुनः ऐसी हरकत न कर सकें।

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