वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने पीडि़त परिवार को सौंपी एक लाख 39 हजार की मदद

 मंडी—गत माह 16 अप्रैल को सड़क दुर्घटना में हुई वनरक्षक हरीश की मौत को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ वन वृत्त मंडी ने रविवार को वनरक्षक हरीश के घर जाकर उनके परिजनों को महासंघ की ओर से एक लाख 39 हजार 300 रुपए की आर्थिक सहायता दी। इस मौके पर वनरक्षक हरीश के परिजनों ने महासंघ के पदाधिकारियों से कहा कि हरीश की मौत सड़क दुघर्टना में नहीं, बल्कि उनकी हत्या की गई है। बता दें कि स्वर्गीय हरीश शर्मा नाचन वन परिक्षेत्र की हलीणू बीट में कार्यरत थे और वह नागचला के स्थायी निवासी थे। बीते 16 अप्रैल की रात को अपने कार्य क्षेत्र में इनकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन परिजनों ने आशंका जताई है कि उनकी सड़क दुघर्टना में मौत नहीं हुई है। हरीश शर्मा पिछले दो वर्षों से वनरक्षक के रूप में कार्य कर रहे थे और अभी रैगुलर भी नहीं हुए थे। इनकी मृत्यु से उनका पूरा परिवार व रिश्तेदार तथा वन वृत्त का हर एक कर्मचारी बहुत दुखी है। महासंघ के प्रधान प्रदीप ठाकुर ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरे वन वृत्त के सभी वन कर्मचारी प्रभावित परिवार के साथ हैं। प्रदीप ठाकुर ने कहा कि अगर हरीश की हत्या की गई है कि इस मामले को शीघ्र विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक महीने से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन फारेंसिक रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।  इस रिपोर्ट का इंतजार हरीश के परिजनों सहित महासंघ के सदस्यों को है।

वनरक्षकों की सुरक्षा के हों पुख्ता प्रबंध

महासंघ के प्रधान प्रदीप ठाकुर ने कहा कि आए दिन वन विभाग के कर्मचारियों के ऊपर हमले हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्हांेने कहा कि बीते दो वर्ष पहले वनरक्षक होशियार सिंह की निर्मम हत्या हुई थी और अब अगर हरीश शर्मा की भी हत्या हुई है तो यह वन विभाग के कर्मचारियों के लिए चिंताजनक है। उन्होंने प्रदेश सरकार सरकार से मांग उठाई है कि वन कर्मचारियों की सुरक्षा का पुख्ता करने के लिए कदम उठाए जाएं और बीते दिनों जो वनरक्षक की मौत हुई है, उसकी निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना पेश न आए।  

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