वोट को 15 किलोमीटर सफर करेगी बराना

नगरोटा बगवां की पंचायत के जमूला टीका में 95, भोरन टीका गांव में 45 मतदाता

नगरोटा बगवां – एक और जहां प्रदेश में भूमिगत मोनो रेल, रोप-वे, मेट्रो की संभावनाएं तलाशने प्रदेश सरकार के आलाधिकारी विदेशों का भ्रमण कर रहे हैं, वहीं प्रदेश के राजनितिक पटल पर महत्त्वपूर्ण और विकसित माने जाने वाले जिला कांगड़ा के कई गांव आज भी ऐसे हैं, जहां लोगों को मतदान करने के लिए भी 15 किलोमीटर दूर का रास्ता नापना पड़ता है। ऐसे हालात में क्षेत्र के लोग मताधिकार का प्रयोग तथा मतदान का दायित्व कितनी सहजता से निभा पाते होंगे, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। जी हां! यह क्षेत्र है नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बराना के वार्ड-एक स्थित टीका जमूला तथा भोरन, जिनका मतदान केंद्र संख्या 67 जलोट में है। इस मतदान केंद्र की दूरी इन गांवों से 15 किलोमीटर है। पंचायत के जमूला टीका में कुल 95 तथा भोरन टीका में 45 मतदाता हैं। किसी भी व्यक्ति के लिए इतनी लंबी दूरी तय कर मतदान करना पहाड़ फोड़ने से कम नहीं, लेकिन यह सुखद है कि चुनाव आयोग ने अपनी पड़ताल में ग्रामीणों की स्थिति को चुनाव पूर्व ही भांपकर आगामी चुनावों में इस क्षेत्र के मतदाताओं के मताधिकार को सुनिश्चित करने हेतु विशेष व्यवस्था की योजना बना ली है। पंचायत के पूर्व प्रधान टेकचंद भरमौरी का कहना है कि मतदान के लिए क्षेत्र के लोगों के लिए समीपवर्ती केंद्र स्थापित करने हेतु वह पंचायत स्तर पर कई प्रयास कर चुके हैं, लेकिन कोई कामयाबी हासिल न हीं हो पाई। उन्होंने सभी चुनावों में इस क्षेत्र की भागीदारी को इसी वजह से नकारात्मक बताया।

घर से ले जाने-छोड़ने की व्यवस्था

सहायक चुनाव अधिकारी अंकुश शर्मा ने बताया कि मतदान के दिन मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने और वापस छोड़ने के लिए निगम की विशेष बस की व्यवस्था की जा रही है। गांव के बुजुर्ग तथा अक्षम लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाएगा। ‘दिव्य हिमाचल’ ने अपनी पड़ताल में पाया कि पंचायत के कोने में बसे गांव को दूसरी पंचायत के मतदान केंद्र से जोड़ा गया है, जो पिछले कई वर्षों से परेशानी भुगत रहे हैं। जानकारी यह भी है कि सड़क मार्ग को छोड़ भी दें, तो वैकल्पिक शॉर्टकट पहाड़ी रास्ता भी जोखिमपूर्ण तथा लंबा है, जबकि गांव की अधिकतर आबादी उम्रदराज लोगों की है।

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