शादियों पर फिजूलखर्ची बंद हो

 राजेश कुमार चौहान

कुछ समय पहले शादियों में फिजूलखर्ची को रोकने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने सुझाव दिया था। उनके अनुसार चाय और नमकीन में भी फेरे लेकर विवाह की रस्म निभाई जा सकती है। इसके लिए लाखों रुपए बर्बाद करने की क्या जरूरत है। सरकार को इस सुझाव पर गंभीरता दिखाते हुए इसे कानूनी तौर पर जल्द से जल्द अमल में लाना चाहिए, क्योंकि हमारे देश में कुछ लोग विवाह समारोह में इतना ज्यादा खर्चा कर देते हैं कि बाद में उनके घर का सारा बजट ही खराब हो जाता है। अमीर लोगों को तो लाखों रुपए खर्च करने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। एक साधारण सी कमाई करने वाला और गरीब अगर विवाह समारोह में लाखों रुपए खर्च करने लग पड़ेगा, तो वह गरीबी के दलदल में  धंस जाएगा। अगर कुछ लोग विवाह में कम खर्चा करते हैं, तो समाज उसे ताने देना शुरू कर देता है। लोग तो कुछ समय बातें करते हैं और समय के साथ सब कुछ भूल जाते हैं।

 

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