शाहतलाई में सीवरेज व्यवस्था ठप, लोग परेशान

शाहतलाई—उत्तरी भारत के प्रसिद्ध धार्मिक कस्बा बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में कई वर्षों से सीवरेज व्यवस्था अधर में लटकने के कारण आमजन में भारी रोष है। शहरी विकास विभाग द्वारा नोडल एजेंसी आईपीएच विभाग को सीवरेज का शाहतलाई कस्बे में कार्य सौंपा गया था, लेकिन वर्ष 2012 में चार करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीवरेज व्यवस्था का बिना ट्रीटमेंट प्लांट चयनित करके शिलान्यास पूर्व आईपीएच मंत्री रविंद्र रवि द्वारा किया था। हालांकि वर्ष 2014-15 में पूर्व नगर पंचायत कमेटी द्वारा आईपीएच विभाग को कस्बे में ही ट्रीटमेंट प्लांट की भूमि प्रोवाइड करवा दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक सीवरेज व्यवस्था का कार्य कस्बे में शुरू नहीं हो पाया है। अब धार्मिक नगरी में हालात इतने बदतर हैं कि बाजार की नालियों का गंदा पानी व कई बार सेप्टिक टैंकों की गंदगी से लाखों श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियांे राजेश कुमार, श्रवण कुमार, विनोद कुमार, अशोक कुमार, नरेश कुमार, विजय कुमार, परसराम ठाकुर व परश्रुति शर्मा आदि ने बताया कि कस्बे की नालियों व सेफ्टिक टैंकों का गंदा पानी क्षेत्र की दुग्ग व सरहयाली खड्ड में छोड़ा जा रहा है। इसके कारण दोनों नदियों में बनी आईपीएच विभाग की उठाऊ पेयजल योजनाएं भी दूषित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां गंदे पानी की वजह से कभी कोई महामारी फैल सकती है, लेकिन सरकार व प्रशासन सीवरेज व्यवस्था को आज तक धार्मिक महत्त्व वाले इस स्थान पर शुरू करवाने से पूरी तरह नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि नालियों में गंदगी फैलने के कारण दुकानदारों सहित श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन व सरकार इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है कि शीघ्र ही शाहतलाई कस्बे में सीवरेज व्यवस्था शुरू की जाए, ताकि स्थानीय लोगों सहित श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वहीं, अधिशाषी अभियंता आईपीएच डिवीजन घुमारवीं सतीश शर्मा ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भूमि ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही फोरेस्ट विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा, तो शीघ्र ही सीवरेज व्यवस्था का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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