शिमला में हर जगह नहीं होगा धरना-प्रदर्शन

प्रदेश सरकार की अधिसूचना पर हाई कोर्ट ने लगाई मुहर, जगह सिलेक्ट

शिमला – शिमला शहर में धरना और प्रदर्शन सिर्फ चिन्हित स्थानों पर ही किए जाएंगे। धरना और प्रदर्शन के लिए चिन्हित स्थानों बारे राज्य सरकार द्वारा 21 फरवरी, 2015 को जारी अधिसूचना पर प्रदेश हाई कोर्ट ने मुहर लगा दी है। इस अधिसूचना के तहत शिमला शहर में धरना और प्रदर्शन सिर्फ सीटीओ चौक पर 200 लोगों के लिए, झांसी पार्क के नीचे लोअर बाजार शुरू होने के स्थान पर 50 लोगों के लिए, सब्जी मंडी मैदान में 1000 लोगों के लिए, अंबेडकर चौक पर 500 लोगों के लिए और समरहिल चौक पर 250 लोगों के धरने और प्रदर्शन के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। इसके लिए भी सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। हालांकि इस अधिसूचना के तहत छोटा शिमला में 25-50 लोगों के धरना और प्रदर्शन के लिए स्थान चिन्हित किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने 24 जनवरी, 2019 को जारी अधिसूचना के तहत यह स्थान धरना और प्रदर्शन के लिए बंद कर दिया था। इस अधिसूचना को अभिभावक शिक्षक संघ ने हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश चंद्रभूषण बारोवालिया की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया कि छोटा शिमला पुलिस स्टेशन के नजदीक किए जाने वाले प्रदर्शन के कारण यातायात अवरुद्ध होता है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। न्यायालय ने आदेश जारी किए हैं कि कोई भी व्यक्ति, संघ, समिति व प्राधिकरण छोटा शिमला के पुलिस स्टेशन के नजदीक किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन या रैली नहीं करेगा। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि धरना-प्रदर्शन व रैली का आयोजन करते समय इस बात का खासकर ध्यान रखा जाना जरूरी है कि इससे आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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