शिमला रेप केस ने उलझाई पुलिस

चलती कार में दुष्कर्म के आरोपों की नहीं हुई पुष्टि, जांच जारी रखने से मना कर रही पीडि़ता

शिमला – तीन दिन से पहेली बने शिमला दुराचार मामले में चलती कार में रेप की पुष्टि नहीं हो पाई है। इतना तय है कि पीडि़ता के साथ दुष्कर्म हुआ है, लेकिन पीडि़ता कोई न कोई तथ्य पुलिस से छिपा रही है। इस कारण तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। अब तक की जांच में एफआईआर तथा पीडि़ता के बयानों में विरोधाभास झलक रहा है। एफआईआर में दर्ज रिपोर्टिंग के विपरीत पीडि़ता को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में अकेले पैदल चलते हुए देखा गया है। इसके अलावा पीडि़ता ने कोर्ट के समक्ष दिए गए सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयानों में जांच जारी रखने से मनाही की है। इसी बीच अदालत ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि जांच दल पीडि़ता से सादे कपड़ों में पूछताछ करे। पीडि़ता को थाने न बुलाया जाए। इस आधार पर पुलिस ने दो महिला कांस्टेबल पीडि़ता की सुरक्षा में उसके निवास में तैनात कर दी हैं। बहरहाल, इस मामले ने शिमला पुलिस को पूरी तरह से उलझाकर रख दिया है। पुलिस थाना ढली में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि पीडि़ता 28 अप्रैल की रात करीब नौ बजे संजौली से ढली टनल से क्रॉस हुई। भट्टाकुफर में शिव मंदिर के समीप उसका अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ता उसे कार में भट्टाकुफर से  मल्याणा की तरफ ले गए। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक पीडि़ता के साथ चलती कार में रेप किया। इस दौरान एक युवक कार चला रहा था और एक फ्रंट सीट पर बैठा था। पीछे सवार युवक ने पीडि़ता के साथ दुराचार किया है। इसके बाद पीडि़ता को हिल ग्रोव स्कूल के पास फेंक दिया गया। इस एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच में आरोपों की पुष्टि करना मुश्किल हो गया है।

फुटेज में अकेले पैदल चलती दिखी युवती

28 अप्रैल की शाम करीब नौ बजे शिव मंदिर से हिल ग्रोव स्कूल के बीच स्थापित सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में युवती अकेले सड़क मार्ग पर चलते हुए दिख रही है। इस कारण चलती कार में दुराचार के साक्ष्यों की पुष्टि नहीं हो पाई है।

स्कूल के पास से दोस्त को किया फोन

पीडि़ता ने अपने दोस्त को फोन पर सूचना दी थी कि उसे दुराचार के बाद इस स्थान पर फेंका गया है। 9ः50 पर हिल ग्रोव स्कूल के समीप पहुंचे पीडि़ता के दोस्त ने उसे नग्न अवस्था में पाया था। फिर पीडि़ता का दोस्त उसे घर ले गया।

17 अप्रैल को भी थाने आई थी युवती

जांच में पता चला है कि पीडि़ता 17 अप्रैल को लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी में पहुंची थी। इस दौरान उसने कहा था कि कोई व्यक्ति अगर मेरा पीछा करे और मुझे परेशान करे, तो मुझे किस प्रकार की कानूनी सहायता मिल सकती है। इस पर पुलिसकर्मियों ने कहा था कि गुडि़या हेल्पलाइन 1515 पर शिकायत की जा सकती है।

कॉल डिटेल खंगालने में जुटी टीम

एसआईटी पीडि़ता की कॉल डिटेल खंगाल रही है, लेकिन अभी तक इसमें भी एसआईटी को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस पीडि़ता के साथ उसके मित्र की भी कॉल डिटेल खंगालने में जुटी है।

पांच युवकों से पूछताछ

शिमला  – रेप मामले में पुलिस ने पांच युवकों से कड़ी पूछताछ की है। इसके अलावा आईजी आसिफ जलाल से लेकर एसआईटी तक कई अलग-अलग टीमें जांच को गति देने के लिए हर दिशा में तफ्तीश में जुट गई हैं। हालांकि पहेली बने इस मामले में तीन दिन बीतने पर भी बलात्कार मामले की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। पीडि़ता की शिकायत पर एसआईटी ने जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक एसआईटी के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली युवती ने 29 अप्रैल को ढली थाने में बलात्कार का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस को दी गई शिकायत में युवती ने उसके साथ गाड़ी में बलात्कार का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत पर जांच तो शुरू हो गई है, लेकिन अभी पुलिस (एसआईटी) के हाथ मामले से संबंधित सुराग नहीं लग पाया है। जनता आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग उठा रही है, लेकिन मामले से संबंधित कोई अहम सुराग न मिलने से एसआईटी मामले में उलझ कर रह गई है।

गाड़ी की तलाश में एसआईटी

पांच लोगों से पूछताछ में कोई अहम सुराग सामने नहीं आया है। एसआईटी जांच में जुटी हुई है कि पीडि़ता को किस वाहन में जबरन बिठाया गया था। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।  एसआईटी पीडि़ता की शिकायत व निशानदेही पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

महिला आयोग ने एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

महिला आयोग ने पुलिस से एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। वहीं, आयोग ने इस मामले में निष्पक्ष जाचं करने को भी कहा है, ताकि आरोपियों को कड़ी सजा मिल सके।

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