शिलाई में लगा स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर

शिलाई—स्वास्थ्य खंड शिलाई में गुरुवार को एक स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की महत्त्वकांक्षी योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत स्वास्थ्य खंड शिलाई के 29 पंचायतों की आशा वर्कर्ज को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य खंड अधिकारी शिलाई डा. निर्दोष कुमार ने की। उन्होंने कहा कि बेटों की चाहत में कई लोग कन्या शिशु की   पैदा होने से पहले गर्भ में हत्या कर देते हंै। उन्होंने कहा कि गर्भवतियों के पेट में पल रहे शिशु की लिंग जांच करना कानूनी जुर्म है। प्रशिक्षण में स्वास्थ्य खंड अधिकारी ने उन प्रतिबंधित ड्रग्स के बारे में भी जानकारी दी, जो गर्भपात में प्रयोग की जाती है। उन्होंने कहा कि हम सबका हो लक्ष्य महान बेटा-बेटी एक सम्मान, बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं होना चाहिए, यदि कोई इस चाहत में गर्भपात करवाता है तो कानूनी तौर पर जुर्म है। बेटियों के लिए प्रदेश कल्याण विभाग द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर लिंग जांच के बाद गर्भपात करने पर कानूनी जानकारी दी। इस अवसर पर डा. नम्रता चौधरी, डा. योगेश, डा. वेणु, स्वास्थ्य निरीक्षक, नारायण नेगी, जगत धीमान, किरपा राम चौहान व सुमित्रा वर्मा सहित 80 आशा वर्कर्ज ने इस बारे में प्रशिक्षण लेकर प्रतिज्ञा कि हम सब बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर काम करेंगे।

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