शिलान्यास के साल बाद भी शुरू नहीं हुआ काम

 टीहरा—दो करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले लघु सचिवालय भवन टीहरा का निर्माण कार्य शिलान्यास के एक वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के लोगों में सरकार व विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है लघु सचिवालय का शिलान्यास पिछले बर्ष 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य बागबानी व सैनिक कल्याण मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह के उपस्थिति में संपन्न हुआ था, लेकिन एक वर्ष पूरा होने के बाद भी यह मामला शिलान्यास तक ही सीमित है। इससे क्षेत्र के लोगों में इसके निर्माण पर शंका भी उत्पन्न हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने सचिवालय भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग उठाई है। क्षेत्र में लगभग एक दर्जन से अधिक सरकारी कार्यालय किराए के भवनों में चल रहे हैं वही इस सचिवालय के निर्माण होने से उपतहसील क्षेत्र के किराए के भवनों में चल रहे विभागों को एक छत के नीचे स्थापित होना है जिससे लोगों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और संबंधित सभी विभागों के कार्य लोगों को एक जगह पर ही निपटाने में आसानी होनी है। सचिवालय भवन के निर्माण के लिए लोगों ने अपनी मलकियत भूमि भी दान दी हुई है। इससे लोगों को मलाल है कि भूमि विभाग के नाम ट्रांस्फर करने के बाद और शिलान्यास के बाद भी इसका निर्माण कार्य एक वर्ष बीतने के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे इसके निर्माण पर लोगों ने शंका जाहिर करना शुरू कर दी है लोक निर्माण विभाग टीहरा के सहायक अभियंता रतन सिंह चौहान ने बताया कि सचिवालय भवन के लिए बजट आ चुका है। विभाग की सारी औपचारिकताएं पूरी हैं और चुनाव आचार सहिंता हटने के बाद इसका टेंडर जारी किया जाएगा और निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा व आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि इसके लिए बजट का पूरा प्रावधान किया है और आचार संहिता के बाद इसका कार्य जोरों से शुरू किया जाएगा प्रदेश सरकार हर विकास कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और कार्यो को पूरा भी किया जा रहा है और इसके निर्माण कार्य को भी समय पर पूरा किया जाएगा।

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