संगड़ाह की सड़कों ने ली 123 जानें

तीन सप्ताह के भीतर वाहन हादसों में गई पांच की जान ,अब तक राज्य उच्च मार्ग से भी नहीं जुड़ सका है सूबे के पहले सीएम का चुनाव क्षेत्र

संगड़ाह –लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली करीब 707 किलोमीटर सड़कों पर गत साढ़े छह वर्षों में हुई वाहन दुर्घटनाओं में अब तक 123 की जान जा चुकी है। पिछले तीन सप्ताह में इलाके में हुई दो वाहन दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। गांव डटवाड़ी के समीप गुरुवार सायं दुर्घटनाग्रस्त हुई कार एचपी 16-3395 में जहां 21 वर्षीय जितेंद्र की जान गई। वहीं 26 साल के विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे पूर्व थ्यानबाग मंे गत 21 अप्रैल को हुई कार दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो चुकी है। वाहन हादसों मंे मारे गए 123 में से 56 लोगों की मौत चार निजी बस हादसों में हुई है। उक्त हादसों में डेढ़ सौ के करीब लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संगड़ाह-रेणुकाजी मार्ग पर खड़कुली के समीप गत पांच जनवरी को दुर्घटनाग्रस्त निजी स्कूल बस में सात छोटे बच्चों सहित कुल आठ लोगों की जान गई थी। इससे पूर्व 16 जून, 2013 को उपमंडल संगड़ाह के भराड़ी में दुर्घटनाग्रस्त निजी बस में 20, 27 सितंबर, 2013 को जबड़ोग में दुर्घटनाग्रस्त एक अन्य निजी बस में 21 तथा 23 नवंबर, 2014 को सेल में गिरी प्राइवेट बस में सात लोगों की जान गई। इसके अलावा रेणुकाजी-नाहन मार्ग पर गत 25 नवंबर को साथ जलाल पुल से गिरी ओवरलोडेड निजी बस में जहां नौ लोगों की जान गई, वहीं 50 के करीब यात्री घायल हुए। उक्त बस हादसों में से तीन बसें मीनू व चौहान कोच नामक ट्रांसपोर्ट कंपनी की है, जिनकी अधिकतर बसें इस इलाके में चलती हैं। संबंधित अधिकारी हालांकि संगड़ाह में सिरमौर अथवा हिमाचल अन्य उपमंडलों से ज्यादा हादसे होने का कारण केवल खस्ताहाल सड़कों को नहीं मानते, मगर यह बात भी सच है कि हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डा. वाईएस परमार का चुनाव क्षेत्र रहा यह इलाका अब तक राज्य उच्च मार्ग से भी नहीं जुड़ सका। इन दिनों लोकसभा चुनाव के चलते भाजपाई जहां इलाके की बदहाल सड़कों के लिए चार दशक से क्षेत्र के विधायक रहे एक ही परिवार के लोगों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस नेता केंद्रीय परिवहन मंत्री की घोषणा के तीन साल बाद भी क्षेत्र में चार एनएच न बनने के लिए मोदी सरकार को कोस रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता संगड़ाह रतन शर्मा के अनुसार हादसे सड़कों की वजह से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से हो रहे हैं। डीएसपी व थाना प्रभारी संगड़ाह के अनुसार गुरुवार सायं दुर्घटनाग्रस्त हुई कार के हादसे का शिकार होने का मुख्य कारण प्रथम दृष्टया में चालक की लापरवाही समझा जा रहा है। मैकेनिकल मुआयने के बाद एक्सीडेंट के सही कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि वाहन अधिनियम की अवहेलना करने वाले चालकों के समय-समय पर चालान किए जा रहे हैं तथा उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।

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