सभी मेडिकल कालेजों में होगा सीटी स्कैन

आचार संहिता समाप्त होते ही मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू, टेंडर आमंत्रित

शिमला  – प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अब सीटी स्कैन की सुविधा होगी। इसमें सभी मेडिकल कालेज में अब मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी क्लीनिकों में नहीं जाना होगा। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के नए और पुराने मेडिकल कालेजों के लिए एक-एक  सिटी स्कैन की मशीन खरीदने के लिए पहले टेंडर आमंत्रित कर दिए गए थे। गौर हो कि आचार संहिता से पहले ये टेंडर आमंत्रित किए गए थे। अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें सूचना है कि जल्द ही टेंडर खोले जाने हैं। सबसे ज्यादा अच्छी बात तो यह है कि नए मेडिकल कालेजों में सीटी स्कैन मशीन की बेहद आवश्यकता है। ये कालेज नए खुले हैं और यहां पर जरूरी टेस्ट का होना भी आवयश्क है। कारण यह है कि नए मेडिकल कालेज में मरीज़ को यदि सभी टेस्ट न मिल पाए तो उसका इलाज समय पर नहीं हो पाता है। लिहाजा मरीज़ को टेस्ट करवाने के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ता है। सभी विभागों में इलाज के  लिए सीटी स्कैन के टेस्ट से यह भी साफ हो जाता है कि आखिर उसके शरीर में क्या दिक्कते हैं। प्रदेश के चार नए मेडिकल कालेज के साथ दो पुराने मेडिकल कालेज में सिटी स्कैन मशीन को खरीदा जाएगा। सूचना है कि प्रदेश के नए मेडिकल कालेजों क ो मजबूत करने के लिए सीटी स्कैन मशीनों को स्थापित किया जाने वाला है।

शिमला के आईजीएमसी  से घटेगा दबाव

नए मेडिकल कालेजों में इस सुविधा के शुरू होने से आईजीएमसी में भी मरीज़ों के टेस्ट का दबाव नहीं रहेगा। ऐसा इसलिए भी, क्योंकि अन्य क्षेत्रों में मरीजों को ज्यादा गंभीर अवस्था में आईजीएमसी रैफर किया जाता है। कई बार टेस्ट की कमी भी आड़े आती है। रोग का सही तरह से पता लगाने के लिए सीटी स्कैन का इस्तेमाल बेहतर तकनीक में माना जाता है। ऑर्थाे, मेडिसिन और सर्जरी विभाग में इसका खूब इस्तेमाल किया जाता है।

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