समग्र शिक्षा को 1100 करोड़ मंजूर

वर्ष 2019-20 के लिए खर्च होगा बजट, केंद्र के समक्ष रखी थी 900 करोड़ की प्रोपोजल

शिमला -केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने वर्ष 2019-2020 के लिए हिमाचल को समग्र शिक्षा के तहत 1100 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। दिल्ली में हुई प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में तय होने के बाद एमएचआरडी ने इस बजट को अंतिम स्वीकृति दे दी है। इस वर्ष केंद्र सरकार ने हिमाचल की शिक्षा को 250 करोड़ से ज्यादा का बजट एक्स्ट्रा दिया है।  हालांकि स्वीकृत हुआ यह बजट केंद्र से पूरा मिलता है या नहीं, यह अहम रहेगा। मंत्रालय ने यह बजट प्रदेश में टीचर टे्रनिंग, प्री-नर्सरी, स्कूलों, शगुन योजना, स्कूलों में असेस्मेंट, आईसीटी प्रोजेक्ट के तहत यह अपु्रवल दी है। मंत्रालय ने वर्ष 2019-20 के लिए प्रदेश को यह बजट स्वीकृत कर फैसला लिया है कि यूटिलाइजेशन आने के बाद फे ज-वाईज प्रदेश को बजट की किस्त जारी की जाएंगी। बता दें कि इसको लेकर बीते आठ मई को दिल्ली में एमएचआरडी की प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें हिमाचल ने मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष अपना सालाना प्लान रखा था। हालांकि इस दौरान प्रदेश ने 900 करोड़ के बजट की मांग रखी थी, लेकिन कें द्र ने प्रदेश क ो 200 करोड़ अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है। इसमे केंद्र ने मिड-डे मील के तहत प्लेट्स, ग्लास सहित किचन गार्डन के लिए भी अतिरिक्त बजट दिया है। इसके अलावा इस प्लान में इस बार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब, क्याना प्रोजेक्टर बोर्ड लगाने के लिए बजट की मांग भी की थी। इस साल शिक्षा विभाग ने राज्य के मिडिल स्कूलों में ऑनलाइन स्टडी करवाने की भी योजना बनाई है। इसके लिए भी इस बजट में फंड की डिमांड की गई थी। प्रदेश में इस समय2100 सरकारी मिडल स्कूलों में आईसीटी और क्याना बोर्ड लगा दिए गए हैं।

एनसीईआरटी से ट्रेनिंग

इस बार एमएचआरडी ने प्रदेश को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों की ट्रेनिंग एनसीईआरटी के  विशेषज्ञों से करवाई जाए। इस दौरान एनसीईआरटी के मास्टर प्रदेश के शिक्षकों को तैयार करेंगे। इससे पूर्व डाइट और एससीईआरटी ही शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाते थे।

पिछला बजट अभी पेंडिंग

हिमाचल प्रदेश क ा वर्ष 2018-19 का बजट भी अभी पेंडिंग है।  810 करोड़ रुपए के  स्वीकृत बजट में से हिमाचल को केवल 350 करोड़ ही मिले हैं।

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