सरकारी नियमों को ठेंगा देखा हुए काम

बड़सर-विकास खंड बिझड़ी की ग्राम पंचायत धबीरी में मनरेगा के तहत किए गए विकास कार्यों में अनियमितताएं बरतने के आरोप लगे हैं। ये आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि पंचायत में ही कार्यरत रहे एक सरकारी कर्मचारी ने स्थानीय पंचायत पर लगाए हंै। तकनीकी सहायक  विक्रमजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पंचायत में शोकपिट निर्माण कार्य व श्मशानघाट निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया है। पंचायत प्रधान द्वारा इन कार्यों को पास करवाने का दबाव भी बनाया गया। उक्त कर्मचारी ने इसकी शिकायत इस सरकारी कर्मचारी ने विकास खंड अधिकारी को भी लिखित में की है। पंचायत में कार्यरत रहे इस कर्मचारी ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि धबीरी पंचायत में हाजरू राम गांव घोड़ी के मकान के साथ बनाए गए शोकपिट को नियमों को दरकिनार कर चार पिलरों पर स्लैब डालकर बनाया गया है। मनमोहन सिंह गांव धबीरी शोकपिट और मदन लाल गांव धबीरी के शोकपिट को मिलाकर इन सभी कार्यों में खड्ड की बजरी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें जीएसटी भी जोड़ा गया है। श्मशानघाट शैड के निर्माण कार्य में भी खड्ड की बजरी का इस्तेमाल किया गया है और साथ में श्मशानघाट शैड के साथ बैठने के लिए बैंच इत्यादि का निर्माण भी नहीं किया गया। आरोपों के अनुसार ये सारे कार्य सरकारी नियमों को दरकिनार कर किए गए हैं। इन सभी कार्यों के निर्माण के लिए क्रशर की बजरी लगाने का प्राक्कलन है, लेकिन निर्माण कार्य में खड्ड की बजरी का प्रयोग किया गया है। इन्हें पास करने के लिए उक्त सरकारी कर्मचारी पर दबाव डाला गया, जिससे उक्त कर्मचारी को मानसिक परेशानियों से भी जूझना पड़ा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिस समय इन कार्यों का निर्माण कार्य चल रहा था। उसी दौरान उन्होंने लिखित में इसकी शिकायत स्थानीय प्रधान को की थी कि इन कार्यों के प्राकलन में क्रशर की बजरी का इस्तेमाल होना है, लेकिन खड्ड की बजरी का प्रयोग किया जा रहा है। स्थानीय प्रधान ने किसी प्रकार की कोई कार्रवाई न कर इन कार्यों को उसी घटिया सामग्री से निर्माण करवा दिया। स्थानीय प्रधान द्वारा जानबूझकर विकास कार्यों में अनियमितताएं अपनाई गईं तथा उन्हें पास करवाने का दबाव भी बनाया जा रहा था। हालांकि सरकारी कर्मचारी ने बताया कि अब उनकी ट्रांसफर हो चुकी है, लेकिन पंचायत के कई ऐसे कार्य हैं, जिनके निर्माण में अनियमिताएं बरती गई हंै। अभी तक ये कार्य पास नहीं हो पाए हैं। सरकारी कर्मचारी का यह भी आरोप है कि ग्राम पंचायत धबीरी के प्रधान ने अपने करीबियों को फायदा पहंुचाने तथा सरकारी नियमों को जानबूझ कर दरकिनार कर विकास कार्यों में अनियमिताएं बरती हैं। हालांकि स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधियों ने इन सारे आरोपों को खारिज किया है, लेकिन संबंधित सरकारी कर्मचारी की शिकायत के आधार पर विकास खंड अधिकारी ने इस सारे मामले की जांच बैठा दी है।

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