सरकार की अनदेखी से लटका किंकरी पार्क

दो बीघा भूमि व शुरुआती बजट मिलने के बाद भी शुरू नहीं हो सका निर्माण

संगड़ाह -अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पर्यावरण प्रेमी किंकरी देवी की स्मृति में उनके गृहनगर संगड़ाह में बनने वाले पार्क के लिए दो बीघा जमीन व 20 लाख का शुरुआती बजट उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होने से पार्क समिति तथा विभिन्न दलित संगठनों में प्रशासन व सरकार के प्रति नाराजगी है। सूबे में दो बार सरकार बदलने के बावजूद राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एवं दलित समाज सेविका किंकरी देवी की स्मृति में बनने वाले उक्त पार्क को लंबित रखे जाने का मामला कई बार क्षेत्र के विभिन्न संगठन प्रदेश व केंद्र सरकार के समक्ष उठा चुके हैं। हरिजन लीग तथा पार्क समिति की शिकायत के बाद पहली अगस्त, 2016 को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा उक्त मामले में जल्द कार्रवाई के लिए हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया। गत वर्ष तक जहां करीब 30 लाख की लागत वाले इस पार्क का जिम्मा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को सौंपा गया था, वहीं तीन माह पहले उपायुक्त सिरमौर द्वारा यह काम हिमुडा को दिया गया है। हिमुड़ा के अधिशाषी अभियंता कार्यालय से गत फरवरी माह में 30 लाख से ज्यादा की लागत के इस पार्क का आंकलन उपायुक्त सिरमौर को भेजा जा चुका है तथा विभाग के अनुसार पूरा बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उक्त पार्क के लिए गत वर्ष स्वीकृत 10 लाख के बजट के अलावा हालांकि मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक 10 लाख के अतिरिक्त बजट को भी स्वीकृति मिल चुकी है, मगर आंकलन के मुताबिक करीब 10 लाख रुपए की ओर दरकार है। उपायुक्त सिरमौर के अनुसार अब पार्क का निर्माण हिमुड़ा के माध्यम से करवाया जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों को जल्द इसके निर्माण संबंधी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। किंकरी देवी के पौत्र एवं पंचायत के वार्ड सदस्य विजेंद्र कुमार, हरिजन लीग की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष किशोरी लाल कौंडल तथा पार्क समिति के अध्यक्ष विजय आजाद ने विभाग अथवा प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य लंबित रखे जाने पर नाराजगी जताई। बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वोट मांगने आ रहे नेता इस बारे पूछने पर एक बार फिर जल्द पार्क निर्माण का आश्वासन दे रहे हैं। उक्त मुद्दे को लेकर गत वर्ष दो बार मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंप चुके किंकरी देवी पार्क समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि वह चुनाव के बाद एक बार फिर सीएम से मिलेंगे। पार्क समिति के अलावा हरिजन लीग की हिमाचल प्रदेश इकाई, सारा तथा एसवीएम आदि स्थानीय संगठनों ने भी निर्माण कार्य लंबित रखे जाने के लिए विभाग के प्रति नाराजगी जताई। 30 दिसंबर, 2007 को किंकरी देवी पंचतत्व में विलीन हो गई थी। उनके निधन के बाद से आज तक लगातार विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों तथा ‘दिव्य हिमाचल ’ द्वारा उनकी स्मृति में बनने वाले पार्क का मुद्दा उठाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश शहरी आवास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता नाहन बीआर रघुवंशी ने कहा कि किंकरी देवी पार्क का एस्टीमेट तैयार कर उपायुक्त सिरमौर को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही मौजूदा थ्रीडी मैप के मुताबिक पार्क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 

 

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