साढ़े 32 हजार ने दबाया नोटा

कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में सर्वाधिक 11327 मतदाताओं ने नकारे प्रत्याशी

धर्मशाला —लोकसभा चुनाव-2019 में प्रदेश की चारों सीटों पर  इस बार भी मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया है। प्रदेश की चार लोकसभा सीटों में 38 लाख 34 हजार 333 मतदाताओं में से 32 हजार 547 ने नोटा का बटन दबाया है।  नोटा का प्रयोग सबसे अधिक मतदाताओं ने कांगड़ा संसदीय क्षेत्र और सबसे कम मंडी संसदीय क्षेत्र में हुआ है। कांगड़ा में 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में होने के बावजूद 11327 मतदाताओं ने नोटा दबाया है, जो कि कुल मतदान का .81 प्रतिशत है। इस सीट पर कुल 10 लाख छह हजार 989 वोटरों ने मतदान किया है। इसके बाद शिमला संसदीय क्षेत्र के छह प्रत्याशियों को नापंसद करते हुए 8305 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया है, जो कि कुल मतदान का .91 प्रतिशत है। शिमला संसदीय क्षेत्र में नौ लाख 13 हजार 608 मतदाताओं ने मतदान किया है।  तीसरे स्थान पर हमीरपुर संसदीय से 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में होने के बावजूद क्षेत्र के 7865 मतदाताओं ने नोटा को ही प्राथमिकता दी है, जो कि कुल मतदान का .81 प्रतिशत है। हमीरपुर में नौ लाख 72 हजार 365 मतदाताओं ने मतदान किया है। मंडी संसदीय क्षेत्र में सर्वाधिक 17 प्रत्याशी होने के बाद भी 5298 मतदाताओं किसी को भी पंसद नहीं किया है और नोटा पर ही मुहर लगाई है, जो कि कुल मतदान का .56 प्रतिशत है। मंडी में नौ लाख 41 हजार 371 मतदाताओं ने मतदान किया है। 2017 के विधानसभा चुनावों में 68 विधानसभा क्षेत्रों से .72 प्रतिशत वोट नोटा के पक्ष में मतदाताओं ने दिए थे। गौर रहे कि भारत में पहली बार छतीसगढ़ राज्य ने नोटा का प्रयोग 2009 के विधानसभा चुनाव में किया था। 2014 के लोकसभा चुनावों में पहली बार देश भर में संयुक्त रुप से नोटा का प्रयोग भारत में किया गया।

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