सियासी किच-किच के बीच भी होती रही हमीरपुर में छुक-छुक

आजादी के बाद सिर्फ हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में हुआ रेल विस्तार

हमीरपुर – हिमाचल तक रेल विस्तार का श्रेय अंग्रेजी हुकमुरानों को दिया जाता है। पठानकोट से जोगिंद्रनगर और कालका से शिमला तक, अंग्रेज जहां रेल को छोड़ गए थे, वह वहां से एक कदम भी आगे नहीं सरक पाई है। प्रदेश के सियासतदानों ने कभी चुनावों के समय इस मुद्दे को भुनाया, तो कभी बजट सत्रों में इनकी याद आई। इस सियासी किच-किच के बीच भी हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में रेलवे की छुक-छुक लगातार रफ्तार पकड़ती रही। हिमाचल में आजादी के बाद जो रेल विस्तार हुआ, वह हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की परिधि तक सीमित रहा। 22 दिसंबर, 1974 को तत्कालीन कांग्रेस मंत्रिमंडल के केंद्रीय रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने लगभग 83.7 किलोमीटर लंबे नंगल-ऊना-तलवाड़ा रेलवे ट्रैक की आधारशिला रखी थी। इसके बाद 16.5 किलोमीटर लंबे नंगल-ऊना सेक्शन के बीच रेलवे ट्रैक का काम शुरू हुआ। वर्ष 1991 में पहली बार ऊना से हिमाचल एक्सप्रेस ट्रेन दिल्ली के लिए शुरू हुई। वर्ष 1998 देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार में तत्कालीन केंद्रीय रेलमंत्री नीतिश कुमार ने ऊना-चुरुडू टकारला सेक्शन के बीच लगभग 16.8 किलोमीटर लंबे ट्रैक की आधारशिला रखी थी। वर्ष 2002 में जब प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री थे, तो भूमि अधिग्रहण का काम पूरा होने पर निर्माण कार्य शुरू हुआ। 25 मार्च, 2005 को तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्यमंत्री आर बेलू ने चुरुडू-टकारला ट्रैक राष्ट्र को समर्पित किया। इसके बाद चुरुडू से अंब-अंदौरा के बीच भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। जनवरी, 2011 में लगभग 11 किलोमीटर लंबे ट्रैक को रेलवे से टी विंग से फिटनेस सर्टिफिकेट मिला। जुलाई, 2011 में तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्यमंत्री केएच मुनियप्पा ने इस ट्रैक को जनता को समर्पित किया था। इतिहास बताता है कि पिछले 25 वर्षों में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसदों ने इस संसदीय क्षेत्रों के लिए जो किया है, वह अन्य जगहों पर दिखाई नहीं देता। 2008 से लेकर अब तक लगातार तीन टर्म से अनुराग ठाकुर यहां से सांसद हैं। उनके इस कार्यकाल में रेलवे को लेकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में बेहतर काम हुआ है।

कब शुरू हुई गाडि़यां

* 1991 में ऊना से दिल्ली के बीच हिमाचल एक्सप्रेस

* 25 मार्च, 2005 को चुरुडू्-टकारला से अंबाला छावनी के लिए डीईएमयू ट्रेन

* 14 दिसंबर, 2008 को ऊना से दिल्ली को जनशताब्दी

* 25 जनवरी, 2011 को ऊना-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेस

* 6 जुलाई, 2011 को अंब अंदौरा-अंबाला डीईएमयू ट्रेन

* 5 जुलाई, 2012 को अंब अंदौरा से हिमाचल एक्सप्रेस 

* 2012 में ऊना से नांदेड़ साहिब रेलगाड़ी की शुरुआत

* 2 अक्तूबर, 2017 को अंब अंदौरा से एमईएमयू ट्रेन

* 25 दिसंबर, 2018 अंब अंदोरा-सहारनपुर डीईएमयू

* 15 जनवरी, 2019 को दौलतपुर चौक तक पहुंची हिमाचल एक्सप्रेस

* 15 जनवरी, 2019 से दौलतपुर चौक डीईएमयू से लिंक रेलगाड़ी चंडीगड़ तक

लेह-लद्दाख रेल लाइन का काम

भानुपल्ली बिलासपुर से लेह लद्दाख रेललाइन का कार्य हिमाचल की सीमा के साथ लगते भानुपल्ली में प्रारंभ हो चुका है।  इसी कार्य का शिलान्यास लेह में 27 जून, 2017 को तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किया था। 465 किलोमीटर लंबा यह ट्रैक 83360 करोड़ की लागत से तैयार होने की बात कही जा रही है। सर्वे और फाइनल लोकेशन सर्वे पूर्ण होने का भी दावा किया गया है।

धूमल की योजना पर अनुराग एक्टिव

ऊना-हमीरपुर रेललाइन के लिए 2850 करोड़ की राशि आबंटित करने की बात कही जा रही है। 51.3 किलोमीटर इस ट्रैक की लंबाई है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान भानुपल्ली बरमाणा लेह-लदाख रेललाइन को सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से मुख्य मानते हुए लगातार मांग उठाईर् थी, जो उनके पुत्र सांसद अनुराग ठाकुर के कार्यकाल में पूर्णता की ओर बढ़ रही है।

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