सीएचसी बिझड़ी में पीलिया के चार नए मामले

बिझड़ी -समाजसेवियों द्वारा दान में दिए गए कूलर समय पर मेंटेनेंस न होने के चलते दूषित पानी उगल रहे हैं। सर्दियों के मौसम में कई महीनों से बंद पड़े कूलरों में जमा पानी बैक्टीरिया के पनपने का स्थान हो सकता है। यही बैक्टीरिया गर्मी के मौसम में कूलरों के पानी के माध्यम से लोगों के शरीर में पहुंचकर उन्हें बीमार कर सकता है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार वाटर कूलर, एयर कूलर, पानी की टंकियां व प्राकृतिक जल स्रोतों की समय-समय पर साफ-सफाई अति आवश्यक होती है, लेकिन बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों व अन्य सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए वाटर कूलर शायद ही कभी साफ  किए जाते हों। पिछले लगभग दो हफ्तों से पीलिया के कारण उपमंडल के स्वास्थ्य व आईपीएच विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए जा रहे जागरूकता शिविरों व आईपीएच विभाग द्वारा पानी के सैंपलों को क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद सीएचसी बिझड़ी में शुक्रवार को चार नए मामले सामने आ चुके हैं।

पानी के सैंपलों में कोई कमी नहीं

आईपीएच विभाग बड़सर एसडीओ सुशील कुमार के अनुसार पानी के सैंपलों में कोई कमी नहीं पाई गई है। बाजारों, स्कूलों व अन्य जगह इस्तेमाल किए जा रहे वाटर कूलर समय-समय पर साफ  किए जाने चाहिए। बिना सफाई कूलरों में पनपने वाला बैक्टीरिया पीलिया फैलने का कारण बन सकता है। हमने स्कूल मुखियाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, व्यापार मंडल प्रधानों व समाजसेवियों से वाटर कूलरों की मेंटेनेंस व साफ-सफाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

 

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