सीएम असभ्य बोलेंगे, तो नजरों से गिरेंगे

वीरभद्र बोले, आनंद शर्मा के पास राज्यसभा का रूट, क्यों लड़ेंगे पंचायत चुनाव

धर्मशाला    —पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को धर्मशाला में प्रेस वार्ता कर फिर तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि वह चुनाव प्रचार के लिए हर संसदीय क्षेत्र में एक-एक सप्ताह लगाएंगे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सहित सरकार को जहां निशाने पर लिया, वहीं अपनों को भी नसीहत दे डाली। वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बड़ा ही नेकदिल, सभ्य और ईमानदार व्यक्ति समझते हैं, लेकिन वह असभ्य भाषा का प्रयोग करेंगे तो उनकी नजरों से गिर जाएंगे। यह बात उन्होंने मुख्यमंत्री के  23 मई के बाद कांग्रेस मुक्त और गांधी मुक्त भारत के बयान पर कही। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती तो अकसर अभद्र भाषा का ही प्रयोग करते हैं।  वीरभद्र सिंह ने कांगड़ा से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जीएस बाली पर पलटवार करते हुए कहा कि वह यहां के वरिष्ठ कांग्रेसी हैं और उन्हें इस बात का खुद ही पता होना चाहिए था कि नोमिनेशन कब है और उन्हें उसमें शामिल भी होना है। पार्टी प्रत्याशी पवन काजल के प्रचार के लिए पहुंचे वीरभद्र सिंह ने पार्टी के स्टार प्रचारक आनंद शर्मा पर भाजपा द्वारा उठाए गए पंचायत के चुनाव तक न लड़ने संबंधी सवाल पर भाजपा को नसीहत देते हुए अपने ही नेता पर तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि अभी पंचायत के चुनाव आने दीजिए, फिर उनसे चुनाव लड़वाया जाएगा।  तभी पता चलेगा कि वह हारते हैं या जीतते हैं। फिलहाल उन्होंने राज्यसभा का रूट पकड़ रखा है वह उसी के जरिए केंद्र में आसीन हैं। रही बात उनके चुनाव लड़ने की तो जो शख्स राज्यसभा के जरिए केंद्र में विराजमान हो, वह भला पंचायत या विधायक का चुनाव क्यों लड़ेगा।

पार्टी संविधान के खिलाफ थे सुक्खू

वीरभद्र सिंह ने सुखविंदर सुखू पर कहा कि वह  पार्टी संविधान के खिलाफ पिछले कई सालों से डटे हुए थे और पार्टी को मर्जी से चला रहे थे। संगठन कमजोर हो गया था। इसलिए उन्हें हटाना जरूरी था। सुक्खू को कैंपेन कमेटी से हटाने का निर्णय पार्टी का है, उनका नहीं। गंदगी किसी के भी घर में हो उसे हटाना आवश्यक्त होता है।

हिविकां बना सुखराम ने किया धोखा

सुखराम मामले में वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने एक बार पार्टी से बड़ा फरेव कर हिविकां बना दी थी, जिससे कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि वह हमेशा कांग्रेस के साथ खड़े रहे हैं और अब भी पूरे प्रदेश में प्रचार करेंगे।

काकू निष्क्रय थे जहां रहें, खुश रहें

वीरभद्र सिंह ने पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू के भाजपा में जाने पर कहा कि वह जहां मर्जी जाएं, खुश रहें। उन्होंने कहा कि वह निष्क्रय थे। आगे बढ़ने के  लिए तो मेहनत करनी पड़ती है।

अपनी कही बातों से मुकरे वीरभद्र सिंह

शिमला —पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मंडी और हमीरपुर की जनसभाओं में अपने ही प्रत्याशियों के खिलाफ बोली गई बातों से मुकर गए हैं। यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी वीरभद्र सिंह ऐसे इनकार करते रहे हैं। उनकी बातों पर कांग्रेसी जहां परेशान हैं, वहीं भाजपा इसका पूरा फायदा उठा रही है। भाजपा ने मंडी की जनसभा में बोली गई बातों का वीडियो तक वायरल कर इसे भुनाने की कोशिश की है। वीरभद्र सिंह ने साफ कहा है कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और गलत मतलब निकाले जा रहे हैं। हमीरपुर में जहां रामलाल ठाकुर कांगे्रस के दमदार प्रत्याशी हैं, वहीं बेहतरीन पसंद हैं। उधर, आश्रय शर्मा को बेहतर प्रत्याशी बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर भाजपा के रामस्वरूप शर्मा के खिलाफ लोगों में रोष है और इसी का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी को होगा।

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