सीएम और डीसी सिरमौर डरपोक इनसान

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आरोप, दोनों डर के साए में रहकर कर रहे काम

नाहन – पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व सिरमौर के डीसी ललित जैन डरपोक हैं। गुरुवार को नाहन के बड़ा चौक में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जहां आरएसएस व पार्टी से डरकर काम कर रहे हैं, वहीं सिरमौर के डीसी भी डरपोक अधिकारी की तरह काम कर रहे हैं। बीते कई दिनों से उपायुक्त ने नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान को अमित शाह की रैली के नाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार आती जाती रहती है, परंतु प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए। सरकार ब्यूरोक्रेसी को डरा-धमकाकर कार्य करवाना चाहती है। यही कारण है कि प्रदेश के डीसी डरपोक बनकर काम कर रहे हैं। उन्होंने नौकरशाह को चेतावनी दी कि मानसिक गुलामी से बाहर निकलें। सरकार कोई भी हो प्रशासनिक अधिकारियों को एक नजर में कायदे कानून के मुताबिक कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की इस तरह की प्रणाली से प्रशासन पंगू हो जाता है। कांग्रेस ने कभी भी अधिकारियों व कर्मचारियों को डराया धमकाया नहीं। प्रजातंत्र में परिवर्तन आता जाता रहता है तथा इसे स्वीकार करने में गुरेज नहीं करना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि जिला सिरमौर प्रशासन की हरकतों से ऐसा लगता है कि नाहन का ऐतिहासिक चौगान मैदान जिला प्रशासन ने अमित शाह के नाम कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की कुर्सी का अमृत पी लिया है, परंतु यह राजनीति है, इसमें आम जनता निर्णय लेती है। वीरभद्र सिंह ने अपने राजनीतिक कैरियर पर भी इस दौरान प्रकाश डाला।

जाग जाएं जयराम, कहीं गेम खत्म न हो जाए

वीरभद्र सिंह ने सीएमको चेताया कि वह समय पर जाग जाएं, वरना ऐसा न हो कि जब तक वह जागें, गेम खत्म हो जाए। पांवटा के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ होती है और यदि सरकार उनका ही ध्यान नहीं रखेगी तो वो ज्यादा दिन तक नहीं चल पाएगी।

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