सीएम के जिला में स्वच्छता अभियान की धज्जियां

जोगिंद्रनगर—जोगिंद्रनगर उपमंडल की राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक पाठशाला पाली-शानन के नौनिहाल पिछले दो महीनों से पीने के पानी कि एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। पानी कि किल्लत के चलते स्कूल में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही महिला अध्यापक एवं सहायकों को विवश होकर स्कूल की बच्चियों सहित दूर नाले में खुले में शौच करने के लिए जाना पड़ रहा है। स्कूल के छात्र एवं प्रधानाचार्य इसी भवन के बाहर स्थापित अनसेफ टॉयलट को शौच के लिए प्रयोग में ला रहे हैं। मौजूदा समय में स्कूल में 18 छात्राएं एवं 19 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में इसी वर्ष नर्सरी की कक्षाएं भी शुरू की गई हैं। स्कूल की एसएमसी प्रधान ज्योति ने बताया कि पानी की किल्लत से अपने बच्चों को इस प्रकार की परेशानियों से जूझता देख अब अभिभावक भी उन्हें स्कूल से निकलने की बात कर रहे हैं। इसके चलते स्कूल पर खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक पाठशाला पाली शानन के भवन को पिछले साल यानी, 16 अगस्त, 2018 को निरिक्षण के उपरांत एसडीएम जोगिंद्रनगर द्वारा अनसेफ घोषित कर पीएसपीसी लिमिटेट शानन की बिल्डिंग के तीन कमरों में शिफ्ट किया गया था। हैरानी तो इस बात की है कि आठ महीने बीत जाने के बाद भी स्कूल के भवन का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जिसके चलते पीएसपीसी लिमिटेड शानन के तीन कमरों में चल रहे इस स्कूल को सत्र 2019-20 के लिए एसडीएम जोगेंद्रनगर के माध्यम से फिर से संचालित करने की स्वीकृति ली गई है, जब राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक पाठशाला पाली-शानन स्कूल को पीएसपीसी लिमिटेड शानन की बिल्डिंग में शिफट किया गया तो यहां पर आने वाली नियमित पानी की सप्लाई से स्कूल को निंरतर तीन-चार महीनों तक पानी मिलता रहा, परंतु उसके बाद पानी का सोर्स अचानक बंद हो गया व उसके साथ यहां पर पानी की सप्लाई भी पूरी तरह से बंद हो गई। उसके बाद स्कूल प्रशासन ने अपने प्रयत्नों से आईपीएच विभाग से पीने का पानी उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई व विभाग द्वारा 13 नई पानी की पाइपें बिछा कर पाली शानन स्कूल के पास स्थापित पानी के टैंक से पीने के पानी की सप्लाई प्रदान की गई, जो कि दो-तीन महीने आता रहा, परंतु पिछले दो महीनों से वह पानी की सप्लाई भी पूर्ण रूप से बंद पड़ी है। उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य कुलदीप चंद ने बताया कि स्कूल कि अनसेफ बिल्डिंग के निर्माण बारे आला-अधिकारियों को पूरा ऐस्टिमेट बना कर दिया गया है। पानी कि किल्लत पिछले दो महीनों से लगातार पेश आ रही है। इस बारे आईपीएच विभाग एवं पीएसपीसी लिमिटेट के कर्मचारियोंं को भी सूचित किया गया, परंतु अभी तक किसी प्रकार से कोई राहत नहीं मिल पाई है। उधर, एसडीओ सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग रणजीत  राणा ने बताया कि जहां तक मालूम हो पाया है, यहां पर किसी विवाद के चलते ऐसी दिक्कत पेश आई है। विभाग के अधिकारी चुनाव ड्यूटी के चलते मौजूद नहीं हैं, परंतु जल्द ही इस बारे में उचित कार्रवाई अमल में लाकर इस समस्या को सुलझाया जाएगा।

क्या कहते हैं अधिकारी

डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन मंडी पीसी राणा ने कहा कि राजकीय माध्यमिक पाठशाला पाली-शानन के लिए 3.15 लाख रुपए आ चुके हैं, जो कि चुनाव अचार संहिता के बाद जारी किए जाएंगे, जहां तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला कि बात है तो उसका ऐटिमेट भेजा गया है, जिसके आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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