सुन्नी में पानी को हाहाकार

सुन्नी—शिमला ग्रामीण की नगर पंचायत सुन्नी में पेयजल किल्लत को देखते हुए सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य उपंडल सुन्नी की ओर से उठाऊ पेयजल योजना हेतु तैयार की गई डीपीआर वांछित बजट उपलब्ध न होने के कारण ठन्डे बस्ते में पड़ी है। क्षेत्र में बने वर्षों पुराने पेयजल स्त्रोत से हजारों लोगों को उपलब्ध कराए जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा नई योजना तैयार की गई है। लगभग सात महीने पहले तैयार की गई उपरोक्त योजना फाइलों में ही दबकर रह गई है और इस बीच सुन्नी मंे पेयजल की स्थिति खराब हो चली है जिससे लोगों मंे हाहाकार मचा है। विभाग का दावा है कि 21करोड़ 11लाख रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाली उपरोक्त पेयजल योजना से पूरे नगर पंचायत के अलावा साथ लगती एक दो पंचायतों के लोगों को भी पेयजल की कमी पूरी हो जाएगी परंतु ऐसा कब होगा यह सोचने की बात है। क्षेत्र की मदरेच खड्ड पर बनने वाली उठाऊ पेयजल योजना के लिए सरकार द्वारा वांछित राशि उपलब्ध करवाने के बाद ही योजना मूर्त रूप लेगी। बता दें कि नगर पंचायत सुन्नी में पिछले कुछ वर्षों से पेयजल की काफी समस्या है। अकसर गर्मियों में लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। बेतहाशा गर्मी में लोगों को पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यही नहीं आवश्यक सेवाओं अस्पताल, शिक्षा संस्थानों में भी पानी की खासी दिक्कत रहती है। क्षेत्र के लिए 60 वर्ष पहले बनाई गई एक ही पेयजल योजना पर हजारों की आबादी निर्भर है। तत्कालीन समय में बनाई गई योजना केवल कुछ सौ लोगों के लिए तैयार की गई थी जबकि तब से अब तक क्षेत्र की जनसंख्या कई गुना बढ़ चुकी है। यही नहीं वर्षों पुरानी बनाई गई बहाव  पेयजल योजना से लोग अक्सर गन्दा पानी मिलने की शिकायतें भी करते हैं। प्राकृतिक तौर पर बहने वाले नाले पर बनाई गई उक्त योजना पर बने फिल्टर टैंक की सफाई व्यवस्था पर भी लोग सवाल उठाते रहते हंै। ऐसे में यदि 21 करोड़ की उक्त योजना तैयार हो जाती है तो लोगों को माकूल पानी के साथ साफ पानी भी उपलब्ध होगा।

एक समय ही पानी देने का विचार, लोग बेहाल

सुन्नी शहर में एक तरफ पानी की भारी किल्लत है जिसपर दिन में दो दफा पानी से बमुश्किल लोग गुजारा कर रहे हैं इसपर अब आईपीएच विभाग दिन में एक ही बार पानी देने की सोच रहा है।उनके इस रवैये से लोग भड़क उठे हैं। इसके लिए अधिकारियों ने क्षेत्र के कुछ लोगों के साथ बैठक भी की है। जानकारी के अनुसार फिलवक्त दोनों समय मिलने वाला पानी लोगों को पूरी मात्रा में नहीं मिल पाता है। लोगों की यह भी शिकायत है कि पानी का दबाव कम होने के कारण प्रैशर नहीं है जिससे उनके नलकों तक मुश्किल से पानी पहुंच रहा है। अधिकारियों के अनुसार बार बार मिल रही शिकायतों के आधार पर विभाग ने निर्णय लिया है कि एक समय पानी दिया जाए ताकि लोगों को पूरा पानी मिल सके। इसपर लोगों नाराजगी है और जनता की नाराजगी को नगर पंचायत के उपाध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता ने अधिकारियों से उठाया है। उधर सहायक अभियंता रंजीव शर्मा ने कहा कि पानी का दुरूपयोग ना हो इसे रोकने के लिए कड़ाई से कार्रवाई की जाएगी। टुल्लू पंप लगाकर सिंचाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसी तरह से पीने के पानी का भवन निर्माण को इस्तेमाल करने वाले भी बख्शे नहीं जाएंगे।

You might also like