सेल्फी प्वाइंट की ‘सेल्फी’ में जंगली घास का दाग

धर्मशाला—विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी धर्मशाला के एंट्री प्वाइंट पर एडीबी प्रोजेक्ट के तहत बने सेल्फी प्वाइंट की संुदरता को जंगलों में उगने वाली घास दाग लगा रही है। स्मार्ट सिटी सहित हरे रंग के बोर्ड पर सफेद अक्षरों से अंकित डिवाइन धर्मशाला के अक्षर भी टूट गए हैं, लेकिन इस सेल्फी प्वाइंट की सुध न तो विभाग ले रहा है और न ही प्रशासन इस पर ध्यान दे रहा है। सेल्फी प्वाइंट के बिलकुल सामने फूलों व हरी भरी घास के लिए बनाए गए एरिया में फूल तो दूर की बात घास तक नहीं लग पाई है। इस प्वाइंट पर कई तरह की जंगली घास उग गई है।  धर्मशाला में बने इस सेल्फी प्वाइंट केो 2017 में बनाया गया था जिसका उद्घाटन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। धर्मशाला में इस तरह की पहली चीज बनी थी जो कि अलग थी और पर्यटन की दृष्टि से भी यहां पहुंच सेल्फी लेते थे। एक तरह से यह सेल्फी प्वाइंट धर्मशाला के सिग्नेचर लोकेशन के रूप में प्रसिद्ध हो रहा था, लेकिन विभाग ऐसी बेहतरीन चीजों का ख्याल रखने के बजाय कुछ और कार्यांे को ही प्राथमिकता दे रहा है। विभाग एक तरह से भूल ही गया है। सेल्फी प्वाइंट शुरुआती दौर में रात के समय दूधिया रोशनी से जगमग हो उठता था। डिवाइन धर्मशाला के शब्दों में बेहतरीन व उच्च क्वालिटी की एलईडी लाइट्स का प्रयोग किया गया है, लेकिन अब डिवाइन धर्मशाला के शब्दों सहित स्मार्ट सिटी के लोगो का कुछेक हिस्सा टूट गया है। इस प्वाइंट की रिपेयर करने पर न तो सरकार और न ही विभाग प्लान कर रहा है।

पर्यटन को विकसित करने के प्रयास ठंडे बस्ते में

धर्मशाला शहर के युवाओं व बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि धर्मशाला में विभिन्न जगहों को पर्यटन की दष्टि से विकसित किया जाना चाहिए, लेकिन जो पर्यटन को विकसित करने के प्रयास किए गए है वे भी वर्तमान में ठंडे बस्ते में चले गए हैं। ऐसा होना जनता सहित धर्मशाला शहर के लिए हानिकारक है। उन्होंने बताया है कि इस इस प्वाइंट पर रोजाना सैकड़ों पर्यटक सेल्फी लेते हैं। युवाओं का कहना है धर्मशाला में एकमात्र प्वाइंट ऐसा है, जिससे धर्मशाला का नाम सहित सोशल मीडिया पर लोगों के फोटो अपलोड होते हैं।

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